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रायपुर, 20 फरवरी 2026


छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में वन विभाग ने एक और सराहनीय कार्य किया है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम हरदी में तालाब में फंसे एक विशाल मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रूप से जंगल सफारी, नवा रायपुर में नया आश्रय दिया गया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। ग्राम हरदी के ग्रामीण तालाब में सामूहिक रूप से मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनके जाल में एक मगरमच्छ फंस गया। ऐसी स्थिति में घबराहट या किसी दुर्घटना की आशंका हो सकती थी, लेकिन ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिक्षेत्र सहायक गितेश बंजारे और टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की सलाह पर उसे जंगल सफारी, नवा रायपुर में सुरक्षित छोड़ा गया, जहां उसके लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है।
ग्रामीणों की सजगता बनी मिसाल
ग्राम हरदी के लोगों ने पहले भी अक्टूबर 2025 में हाथी के रेस्क्यू के दौरान जिम्मेदारी निभाई थी। इस बार भी उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए वन विभाग का पूरा सहयोग किया।
वन विभाग के कर्मचारियों नेहरू निषाद, भागी यादव, पीलू निषाद, राकेश ध्रुव तथा हरदी वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।
शासन की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव
राज्य शासन की वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं और जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि अब ग्रामीण तत्काल सूचना देकर वन्यजीवों की सुरक्षा में भागीदार बन रहे हैं। इससे न केवल वन्यजीवों की जान बच रही है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आ रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और शासन के निर्देशानुसार ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
यह सफलता की कहानी बताती है कि जब शासन, प्रशासन और ग्रामीण मिलकर कार्य करते हैं, तो वन्यजीव संरक्षण का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा होता है।
