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मुम्बई । भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सप्ताह के दूसरे ही कारोबारी दिन बाजार में ये गिरावट दुनिया भर से मिले कमजोर संकेतों के साथ ही बिकवाली हावी रहने से आई है। दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1065.71 अंक नीचे आकर 82,180.47 अंकों पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 353.00 अंक की गिरावट के साथ ही 25,232.50 अंकों पर बंद हुआ। बाजार में ये गिरावट ग्रीनलैंड मामले को लेकर अमेरिका की टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद विदेशी निवेशकों के सतर्कता बरतने से आई है। आज कारोबार के दौरान सेंसेक्स की केवल 1 कंपनी एचडीएफसी बैंक का शेयर ही बढ़त पर बंद हुआ। वहीं अन्य शेयरों में गिरावट रही। इसी प्रकार, निफ्टी केवल 3 कंपनियों के शेयर ही बढ़त पर बंद हुए। वहीं अन्य शेयरों में गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक 0.38 फीसदी उछलकर जबकि जबकि एटरनल के शेयर आज सबसे ज्यादा 4.02 फीसदी की भारी गिरावट रही। आज एचडीएफसी बैंक को छोड़कर सेंसेक्स की बाकी सभी 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 10.12 लाख करोड़ का नुकसान सोमवार को बीएसई बाजार पूंजीकरण 465.68 लाख करोड़ रुपये था पर ये मंगलवार को 455.72 लाख करोड़ रुपये पर ही रह गया। इस प्रकार निवेशकों के 10.12 लाख करोड़ रुपये डूब गये आज फाइनेंस, ऑटो, मेटल और फार्मा सेक्टर के शेयरों में खासतौर पर ज्यादा दबाव देखने को मिला। केवल बैंकिंग शेयरों में सीमित मजबूती रही। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा।. इसके अलावा ऑटो और आईटी शेयरों में भी दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। व्यापक बाजार में गिरावट और गहरी रही, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में करीब तीन फीसदी तक की कमजोरी देखी गई. बाजार जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और व्यापारिक तनावों के कारण बाजार में निकासी हावी रही। अमेरिका के यूरोपीय देशों के साथ बढ़ते मतभेदों से दुनिया भर के बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है जिससे भारतीय बाजार पर भी दबाव आया है। इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से भी बाजार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। डॉलर के मजबूत होने और रुपये के कमजोर होने से भी बाजारों पर विपरीत प्रभाव पड़ा हैद्य। इससे पहले आज सुबह बाजार सपाट खुले। सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 83,207 अंक पर खुला। इसी तरह एनएसई का निफ्टी-50 25,580 पर लगभग सपाट खुलकर 23.55 अंक की कमजोरी के साथ 25,561 पर ट्रेड करता नजर आया। वहीं एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट का रुख बना रहा। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी प्रमुख रूप से दबाव में रहे। जापान के बाजारों पर अतिरिक्त दबाव इसलिए भी देखा गया क्योंकि प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अगले महीने जल्द चुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा की है। वहीं सोमवार को के चलते वॉल स्ट्रीट बंद रहा, जिससे वैश्विक संकेत सीमित रहे।
