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रायपुर, 15 जनवरी 2026
मुंगेली जिले के विकासखण्ड पथरिया के ग्राम मोहदी निवासी कृषक श्री मूलचंद बंजारे ने जैविक खेती अपनाकर न केवल अपनी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि की है, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया है। कृषि विभाग द्वारा संचालित राज्य पोषित जैविक खेती मिशन योजना उनके लिए परिवर्तनकारी सिद्ध हुई है। श्री मूलचंद बंजारे के पास कुल 1.224 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पूर्व में वे रासायनिक खेती करते थे, जिसके कारण फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप लगातार बना रहता था और लागत अधिक होने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री गेंदलाल पात्रे से संपर्क किया।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्होंने राज्य पोषित जैविक खेती मिशन के अंतर्गत हरी खाद सनई बीज की बोनी कर उन्नत एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाई। इसके अंतर्गत प्रमाणित बीज का उपयोग, बीज उपचार, ट्रायकोडर्मा से बीज शोधन, पी.एस.बी. कल्चर का प्रयोग तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन किया गया। साथ ही खेत की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, समय पर जिंक सल्फेट का उपयोग एवं गभोट अवस्था में प्रति एकड़ 02 किलोग्राम बोरान का छिड़काव भी किया गया। इन वैज्ञानिक एवं जैविक उपायों के सकारात्मक परिणाम सामने आए।
फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप कम हुआ, उत्पादन लागत घटी और धान की फसल से निर्धारित उत्पादन लक्ष्य प्राप्त हुआ। बेहतर उपज और गुणवत्ता के कारण किसान की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया। श्री मूलचंद बंजारे का कहा कि जैविक एवं वैज्ञानिक खेती न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से अधिक लाभकारी भी है। कृषिn विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजनाओं का सही उपयोग कर किसान अपनी खेती को लाभ का साधन बना सकते हैं।
