मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय
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पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान से खुशहाली का नया दौर
सुव्यवस्थित खरीदी से किसानों को मिल रहा उचित मूल्य
रायपुर, 8 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई यह नीति न केवल पारदर्शी और सुगम है, बल्कि किसानों को उनके पसीने की कमाई का पूरा हक दिला रही है। समर्थन मूल्य पर समयबद्ध भुगतान और आधुनिक व्यवस्था ने राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गति आई है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान जोधन केंवट की सफलता इस नीति की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने अपनी लगभग 5 एकड़ भूमि पर उगाए धान को दो चरणों में कुल 99 क्विंटल उपार्जन केंद्र पेंड्रा में बेचा। जोधन ने खुशी से बताया कि पहले की तुलना में अब खरीदी प्रक्रिया कहीं अधिक बेहतर और आसान हो गई है। समिति के माध्यम से टोकन कटवाकर बिना किसी झंझट के धान बेच पाया।
ऑनलाइन टोकन और पारदर्शी प्रक्रिया से खत्म हुई पुरानी परेशानियां
राज्य सरकार की पहल से धान खरीदी में क्रांति आ गई है। ऑनलाइन और समिति आधारित टोकन प्रणाली ने लंबी कतारों व अव्यवस्था का अंत कर दिया है। किसानों को अब न तो इंतजार करना पड़ता है और न ही कोई बिचौलिया हस्तक्षेप होता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से निगरानी में रहती है, जो पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की सीमा ने किसानों की चिंताओं को दूर कर दिया। जोधन केवट जैसे हजारों किसान अब अपनी उपज का पूरा मूल्य समय पर प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों में खुशहाली लौट आई है। यह व्यवस्था न केवल आर्थिक लाभ दे रही है, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास भी भर रही है।
किसान हित में सरकार की प्रतिबद्धता, कृषि क्षेत्र में बढ़ा विश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की यह नीति छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। किसानों को समय पर भुगतान मिलने से वे नई फसल के लिए बेहतर निवेश कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। राज्य भर के उपार्जन केंद्रों पर सुव्यवस्थित व्यवस्था ने ग्रामीणों का भरोसा जीत लिया है। जोधन केंवट ने कहा कि सरकार की इस किसान हितैषी नीति से हमारी तकदीर बदल गई है। अब हम बिना चिंता के खेती पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति राज्य को कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत बनाएगी। सरकार की यह सकारात्मक पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रही है।
