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महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ गहन मंथन
रायपुर, 21 दिसंबर 2025





छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज नए सर्किट हाउस रायपुर में किया गया। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में बताया गया कि यह पहल महिलाओं के हक-अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री सिंह ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच मिलेगा, जहाँ वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका एवं भागीदारी है।
मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री देवांगन ने कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं है, बल्कि शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने हेतु विभागीय अभिसरण को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिका को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र एवं अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए गए।
कांकेर जिले की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली बाधाओं तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, तथा प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही ‘नई चेतना 4.0’ अभियान का मूल उद्देश्य है।
