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शिक्षा गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणामोन्मुखी कार्य ही हमारी प्राथमिकता – मंत्री श्री गजेंद्र यादव
रायपुर, 05 दिसम्बर 2025



स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में रायपुर संभाग के स्कूल शिक्षा विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक आज महासमुंद के जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में सम्पन्न हुई। मंत्री श्री यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग का मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित करना है और इसके लिए सभी स्तरों पर समर्पित प्रयास आवश्यक हैं। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा विभाग श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त समग्र शिक्षा डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डीईओ, डीएमसी, बीईओ एवं बीआरसी उपस्थित रहे।

तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश
मंत्री श्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी।

ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
शिक्षा मंत्री ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके।
शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित
वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस
मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें
बैठक में मंत्री श्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अधोसंरचना एवं मॉडल स्कूल विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश
मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम श्री विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें l इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए।
विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित मॉडल एवं प्रदर्शनी की सराहना
समीक्षा बैठक के बाद मंत्री श्री यादव ने जिला पंचायत परिसर में लगाए गए शिक्षा विभाग के विभिन्न स्टॉल, मॉडलों और शैक्षणिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल सृजनात्मकता को बढ़ाते हैं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया को भी रोचक बनाते हैं। उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब द्वारा तैयार स्मार्ट डेम सिंचाई मॉडल, एआई आधारित प्रदर्शनी, काष्ठ और साबुन कला, जादुई पिटारा और जादुई गणित जैसे मॉडलों की विशेष रूप से सराहा की।
