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कन्हैया लाल गुप्ता बने सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर, बिजली बिल में आई कमी
रायपुर, 30 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अब सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी उजाला और समृद्धि की नई किरण बनकर पहुँच रही है। सुकमा जिले के तोंगपाल निवासी श्री कन्हैया लाल गुप्ता का घर अब सौर ऊर्जा से जगमगा रहा है।
श्री गुप्ता ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट की सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की है। इस सोलर यूनिट के लगने से उनके मासिक बिजली बिल में भारी कमी आई है। पहले उन्हें हर महीने लगभग 1600 रूपए से 1700 रूपए तक का बिल भरना पड़ता था, जो अब घटकर मात्र 400 रूपए से 500 रूपए रह गया है। यह सोलर इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ इनोवेशन कंपनी के माध्यम से किया गया। श्री गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों से मिली। जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्थानीय विद्युत कार्यालय से संपर्क कर आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें बैंक से ऋण की सुविधा और सरकार की ओर से 78,000 रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे सोलर यूनिट स्थापित करने में बड़ी मदद मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा यह योजना आम जनता के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
सब्सिडी का आकर्षक प्रावधान: तीन स्तरों पर लाभ
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से आकर्षक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। एक किलोवाट क्षमता वाले सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 30,000 रूपए और राज्य सरकार की ओर से 15,000 रूपए, इस प्रकार कुल 45,000 रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवाट सोलर यूनिट लगाने पर लाभ बढ़कर 90,000 रूपए तक पहुंच जाता है, जिसमें 60,000 रूपए केंद्र और 30,000 रूपए राज्य का योगदान शामिल है। वहीं तीन किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार 78,000 रूपए और राज्य सरकार 30,000 रूपए कुल मिलाकर 1,08,000 रूपए की सहायता प्रदान कर रही है।
