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रायपुर, 29 अक्टूबर ।चक्रवात ‘मोन्था’ के असर को देखते हुए मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक राज्य में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है।मंगलवार को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य के कई इलाकों में हल्की ठंड का अहसास बढ़ गया है। अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा इलाके में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।कई जगहों पर कटकर रखी फसल पानी में डूब गई है, वहीं आंधी-तूफान से खेतों में खड़ी फसल भी झुककर बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों बलरामपुर और सरगुजा में भी बंगाल की खाड़ी में बने निम्नदाव का प्रभाव देखा गया। सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में मंगलवार रात बारिश हुई ।
जानकारी के मुताबिक इस दौरान अगले दो से तीन दिनों तक बस्तर में आसमान पर काले बादल छाए रहेंगे, साथ ही तेज बारिश की भी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि, हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। अधिकतम 80 किमी की गति तक पहुंचने का अनुमान है। तेज हवाओं और बारिश का फसलों पर सीधा असर पड़ेगा। खड़ी फसलें गिर सकती हैं और जिनकी कटाई हो चुकी है, वे भी भीगने का खतरा है। कृषि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और भंडारण को मजबूत करें।
मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है।
