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काेंड़ागांव, 28 अक्टूबर । जिले के केशकाल नगर के सुरडोंगर तालाब में छठ व्रती महिलाओं के द्वारा साेमवार की शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। ततपश्चात आज मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर विधिवत हवन पूजन के पश्चात छठ महापर्व का समापन किया गया। इस कार्यक्रम में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल शोरी, पूर्व पार्षद नवदीप सोनी, पार्षद पुंजलता मरकाम, भाजपा नेता राजकिशोर राठी सहित गणमान्य लोग भी शामिल हुए।
सूर्य भगवान की उपासना कर सुख, समृद्धि, पुत्र प्राप्ति व पारिवारिक मंगलकामना का महापर्व छठ में सूर्य देवता के साथ-साथ छठी मैया की पूजा का विधान है। इस व्रत में सूर्य और षष्ठी माता दोनों की उपासना होती है। इसलिए इसे सूर्यषष्ठी भी कहा जाता है। दिन में छठी व्रतियों ने गेहूं, घी व शक्कर का ठेकुआ, चावल, घी और शक्कर का लड्डू प्रसाद के लिए बनाया। बांस के बने सूप डाला, दौरा, टोकरी में प्रसाद को रखा गया। इसके साथ ही प्रसाद के रूप में सेब, केला, अमरूद, नींबू सहित अन्य फल प्रसाद के रूप में रखे जाते हैं। परंपरानुसार केशकाल में भी प्रतिवर्ष छठ महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 4 दिन पहले से ही पूजा अर्चना एवं छठ माता की आराधना शुरू कर दी जाती है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में छठ व्रती महिलाएं अपने पूरे परिवार एवं गाजे-बाजे के साथ छठ पूजा के लिए घाट पर पहुंचे। साेमवार शाम को पूरे विधि-विधान से छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य एवं छठ माता की आराधना की। अंत मे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया, वहीं आज मंगलवार अलसुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात पूजन, आरती एवं प्रसादी वितरण कर छठ महापर्व का समापन किया गया।
