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रायपुर, 11 अक्टूबर। अभ्युदय संस्थान, अछोटी में “चेतना विकास एवं मूल्य आधारित शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंत्री यादव ने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का आधार है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान को विशेष महत्व देने की आवश्यकता है। यादव ने शिक्षकों से आवाहन किया कि वे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को प्राथमिकता दें, ताकि आने वाली पीढ़ी विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।
मंत्री यादव ने कहा कि स्वच्छ समाज की नींव सशक्त शिक्षा व्यवस्था पर ही आधारित है। जब विद्यालयों में संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव का वातावरण विकसित होगा, तब राष्ट्र भी स्वच्छ, सशक्त और जागरूक बनेगा।
कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शिक्षा परिस्थितियों को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार साझा किए। सभी ने नई शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा को विद्यालयों में और प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया, ताकि विद्यार्थी सशक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
कार्यक्रम में लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी, योगेश शास्त्री, संकेत ठाकुर, अनीता शाह, पार्षद कुलेश्वर साहू, कांशीराम कोसरे सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षकगण एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे।
