नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
Spread the love*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर...
Spread the love*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर...
Spread the love*दिवंगतों के परिजनों के प्रति व्यक्त...
Spread the love*रायपुर के मैदान से पूरी दुनिया...
बलरामपुर, 6 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बढ़ते सड़क दुर्घटना को देखते हुए जिले के कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने ‘नो हेलमेट नो पेट्रोल’ का अभियान चलाया है। जिसके बाद एक अक्टूबर से बिना हेलमेट के यात्रा कर रहे मोटरसाइकिल सवार को पेट्रोल पंप में अब पेट्रोल नहीं दी जाएगी। इससे पूर्व जिले के सभी अनुविभाग के एसडीएम ने सभी पेट्रोल संचालकों की मीटिंग ली और उन्हें इस आदेश का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिया।
अब बलरामपुर जिले के सभी पेट्रोल पंपों में इसका असर दिखने लगा है। जो लोग बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने आ रहे है उन्हें बेरंग वापस लौटना पड़ रहा है। लोगों के द्वारा प्रशासन की इस पहल की जमकर सराहना की जा रही है। वहीं एक वर्ग का यह भी कहना है कि, नो हेलमेट नो पेट्रोल से पहले सड़कों की स्थिति भी ठीक कराई जाए। ताकि एनएच के एक-एक फिट के बने गढ्ढे ठीक हो सके। बहरहाल जिला प्रशासन की इस पहल से आने वाले समय सड़क दुर्घटना में कमी आने की संभावना है।
हेलमेट पहनकर रामानुजगंज स्थित पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप में पेट्रोल लेने आए स्थानीय निवासी देवसागर सिंह ने बताया कि, प्रशासन की अच्छी पहल है। बिना हेलमेट के लोगों को पेट्रोल नहीं देना चाहिए। हेलमेट हमारी सुरक्षा के लिए है। हमलोग मोटरसाइकिल से यात्रा के दौरान अब हमेशा हेलमेट पहनकर करके ही करते हैं।
वहीं, बिना हेलमेट पहने पेट्रोल पंप में पेट्रोल लेने आए मोहम्मद गौशूल रजा बिना पेट्रोल के लिए बेरंग वापस लौटे उन्होंने कहा कि, हेलमेट लगाना जरूरी है यह आपकी ही सुरक्षा होती है। घर से निकलते समय हेलमेट लगाना भूल गए जिससे यहां पेट्रोल पंप में पेट्रोल नहीं मिल पाया। अब हमेशा माेटरसाइकिल से हेलमेट पहनकर ही निकलेंगे।
बलरामपुर जिले में शुरू किया गया ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय और आवश्यक कदम है। यह पहल न केवल लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित कर रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी प्रभावी साबित हो सकती है। हालांकि कुछ लोगों द्वारा सड़कों की खराब स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की गई है, फिर भी यह अभियान जनजागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को प्रोत्साहित करने का एक मजबूत माध्यम बन सकता है। यदि प्रशासन सड़क सुधार के साथ-साथ ऐसे नियमों को सख्ती से लागू करता है, तो भविष्य में सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है।
