कोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद का शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चयन
Spread the loveकोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद...
Spread the loveकोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद...
Spread the loveडॉ. रमन सिंह – सादगी से...
Spread the loveमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण...
आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय के मध्य क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण के लिए हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री साय ने खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल और रेत खदानों की नीलामी के लिए रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
रायपुर, 05 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति और नवाचारी खनन के माध्यम से विकास और पारदर्शिता की प्रदेश नई गाथा लिख रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने आज रविवार काे नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, सोना, हीरा और कॉपर जैसे बहुमूल्य खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। हाल की खोजों से राज्य क्रिटिकल और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में और सशक्त हुआ है।
इस दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय, तथा कोल इंडिया और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के मध्य महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित हुए। साथ ही 5 माइनिंग ब्लॉकों की एनआईटी जारी की गई और 9 खदानों को प्रिफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल तथा रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी के लिए रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खनिजों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में खनन और नए उद्योगों की अपार संभावनाओं को देखते हुए पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष डीएमएफ से 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ, जिससे 9,362 विकास कार्य स्वीकृत किए गए। वर्ष 2024-25 में राज्य को 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है और पाँच नए ब्लॉकों की निविदा आज जारी की गई है। यह पारदर्शी प्रक्रिया राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत जिला खनिज न्यास नियम-2025 लागू किए गए हैं। डीएमएफ पोर्टल 2.0 से निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया को सशक्त किया गया है, जिसके लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित भी किया है। उन्होंने कहा कि नई रेत नीति-2025 से पारदर्शिता बढ़ी है और जल्द ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी। सतत खनन के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्रिटिकल मिनरल्स के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन और कोल इंडिया लिमिटेड के मध्य एमओयू हुआ है। वहीं क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी रुड़की और आईएसएम धनबाद के साथ भी एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और सतत खनन के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास और पारदर्शिता की नई कहानी लिख रहा है। छत्तीसगढ़ निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार माइनिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय और नवाचारी कार्य कर रही है। खनन से राजस्व और रोजगार दोनों बढ़े हैं तथा सरकार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार कर रही है। राज्य में अब टिन से निकलने वाले स्लज से दो नए तत्वों का उत्पादन शुरू हुआ है। साथ ही क्रिटिकल ओअर रिसाइक्लिंग और ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिजों का खनन होता है, जिनमें टिन, बॉक्साइट, कोयला, लाइमस्टोन और आयरन ओर प्रमुख हैं।
मुख्य सचिव ने पारदर्शिता, तकनीकी उपयोग, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग को भविष्य की आवश्यकता बताया। उन्होंने राज्य की नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे।
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रदेश में खनिज उपलब्धता, नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था, उत्खनन में नवीन तकनीकों के उपयोग, विभाग की उपलब्धियों और गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। संचालक भौमिकी एवं खनिज साधन श्री रजत बंसल ने भी अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की गाइडलाइन और डीएमएफ पोर्टल 2.0 का विमोचन
छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में मुख्यमंत्री साय ने खनिज न्यास निधि का प्रभावित क्षेत्रों में उपयोग, कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता, सुशासन, प्रभावी संचालन एवं निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से डीएमएफ पोर्टल 2.0 का विमोचन किया। इस पोर्टल में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) की गाइडलाइनों के अनुरूप और छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधित 2025) में किए गए संशोधनों को शामिल किया गया है। खनिज विभाग ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल 1.0 का उन्नयन कर 2.0 संस्करण तैयार किया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री साय ने किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने आज एमएसटीसी द्वारा निर्मित रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल से रेत खदानों का आबंटन तेज गति से होगा और प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को पर्याप्त मात्रा में रेत उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने गौण खनिज खदानों को दिए स्टार अवॉर्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य खनिजों की तर्ज पर राज्य में गौण खनिज खदानों में भी स्टार रेटिंग प्रणाली के अंतर्गत समुचित एवं वैज्ञानिक पद्धति से खनन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने पर्यावरण प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का पालन कर बेहतर कार्य करने वाली 43 खदानों को स्टार अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्होंने खदान संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।इनमें 3 खदानों को 5 स्टार, 32 खदानों को 4 स्टार और 8 खदानों को 3 स्टार अवॉर्ड दिए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, एसईसीएल बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक हरीश दुहन, तथा खनिज एवं उद्योग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।
