उप मुख्यमंत्री अरुण साव निकले स्कूटी पर, शहर भ्रमण कर सफाई और निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
Spread the loveसफाई व्यवस्था बेहतर करने और नियमित...
Spread the loveसफाई व्यवस्था बेहतर करने और नियमित...
Spread the love 50 सीटों के साथ इसी...
Spread the love– 1.22 करोड़ के कार्यों का...
कोरबा / शक्ति 2 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से आयुर्वेद की शक्ति का अनोखा उदाहरण सामने आया है। थर्ड स्टेज ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही 47 वर्षीय महिला ने मात्र छह माह के शुद्ध आयुर्वेदिक उपचार से न केवल कैंसर को मात दी बल्कि उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट्स अब पूरी तरह सामान्य आ चुकी हैं। इसे चिकित्सक और परिजन किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।
छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले की रहने वाली गिरिजा गवेल लंबे समय से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं। बीमारी जब तीसरे चरण तक पहुँच गई, तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन कराने की सलाह दी। लेकिन परिवार ने साहसिक निर्णय लेते हुए आयुर्वेद पर भरोसा जताया और कोरबा के प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से संपर्क किया।
उस समय महिला की हालत इतनी गंभीर थी कि वह स्वयं क्लिनिक तक नहीं जा सकती थीं। डॉ. शर्मा को उनकी गाड़ी में ही जाकर नाड़ी परीक्षण कर प्रारंभिक जांच करनी पड़ी। इसके बाद रोगी की प्रकृति और आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर उपचार शुरू किया गया।
लगातार छह माह तक नियमित आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करने के बाद महिला की हालत में आश्चर्यजनक सुधार हुआ। डॉ. शर्मा ने आज गुरुवार काे चर्चा में बताया कि जब गिरिजा गवेल पहली बार अपने पैरों पर चलकर उनके क्लिनिक पहुंचीं, तो यह उनके लिए भी अविश्वसनीय पल था। जांच में पाया गया कि वह पूरी तरह कैंसर मुक्त हो चुकी हैं और उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं।
गिरिजा की बहन डेनियल गवेल ने कहा, “डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन की अंतिम सलाह दिए जाने के बावजूद हमने आयुर्वेद को मौका दिया। मेरी बहन की हालत बहुत खराब थी, लेकिन छह महीने में वह पूरी तरह स्वस्थ हो गई हैं। इसके लिए हम डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा के आभारी हैं। उन्होंने न केवल दवा दी, बल्कि हमें भरोसा और मनोबल भी दिया। इस सफलता ने आयुर्वेद पर हमारा विश्वास कई गुना बढ़ा दिया है।”
