मनोरंजन के पर्दे पर सामाजिक बदलाव की दस्तक: शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से आलोक बाजपेयी ने दिया यातायात जागरूकता का संदेश
Spread the loveइंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने...
Spread the loveइंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने...
Spread the love *छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान को...
Spread the loveरायपुर–छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से...
रायपुर, 19 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई।
इस उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की सतत पहल, सक्रिय मार्गदर्शन और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है।उनके नेतृत्व में विभाग ने गाँव-गाँव तक जागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय किया तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की।
राजवाड़े ने कहा कि सूरजपुर जिले की यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री के अमृत महोत्सव वर्ष में यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश है।
सामुदायिक भागीदारी की सराहना
जिला प्रशासन ने इस पहल की सफलता में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता मिले और कोई भी बाल विवाह न हो।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत हुई थी। यह अभियान यूनिसेफ के सहयोग से और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा है और विभाग लगातार जनजागरूकता, निगरानी और सामाजिक सहभागिता को मजबूत कर रहा है।
सूरजपुर की इस सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन जिलों में विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
