नेशनल स्पोर्ट्स डे स्पेशल: लगान से लेकर सितारें जमीन पर तक, यह हैं आमिर खान की सबसे आइकॉनिक स्पोर्ट्स फिल्म्स
आमिर खान इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार कई हिट फिल्में दी हैं। जिस तरह वह अपनी एक्टिंग से फिल्म में गहराई लाते हैं और हर तरह के किरदारों में खुद को ढाल लेते हैं, वह वाकई अलग और खास है। आमिर के लिए सालों से एक शैली बेहद खास रही है और वो है स्पोर्ट्स ड्रामा, जिसमें उन्होंने स्पोर्ट्स के इर्द-गिर्द घूमती कहानियों में अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
हारने के बाद भी न हारने की कहानियों से लेकर, इमोशन से भरी कहानियों तक, आमिर ख़ान की फिल्मों ने दर्शकों को सिर्फ एंटरटेन ही नहीं किया है, बल्कि उन्हें प्रेरणा भी दी है। ऐसे में आज नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर चलिए आमिर ख़ान की उन यादगार स्पोर्ट्स फिल्मों पर नजर डालते हैं, जो आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं।
जो जीता वही सिकंदर (1992)
आमिर खान स्टारर फिल्म जो जीता वही सिकंदर एक क्लासिक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जिसकी कहानी एक इंटर-कॉलेज साइकिलिंग चैंपियनशिप के इर्दगिर्द घूमती है। फिल्म में आमिर ख़ान ने संजय लाल का किरदार निभाया है, जो एक गैरजिम्मेदार नौजवान से एक जिम्मेदार और मेहनती इंसान बन जाता है। यह फिल्म जवानी के प्यार, मुकाबले और खेल भावना की जीत को खूबसूरती से दिखाती है। कहना होगा कि यही वजह है कि फिल्म आज भी लोगों की पसंदीदा फिल्मों की लिस्ट में शुमार है।
लगान (2001)
लगान फिल्म उस समय आई थी, जब भारतीय सिनेमा बदलाव के दौर से गुजर रहा था, तब आमिर ख़ान ने लगान के रूप में एक ऐतिहासिक फिल्म दी, जिसे भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में भी खूब सराहा और पसंद किया गया। फिल्म की कहानी अंग्रेजों के समय की थी, जिसमें भुवन नाम का एक बहादुर गाँव का लड़का अंग्रेजों द्वारा लगाए जाने वाले लगान से गांव को बचाने के बदले उनकी क्रिकेट के मैच के लिए चुनौती को स्वीकार कर लेता है। इस तरह से अपनी हिम्मत और गाँव वालों की मदद से, वह अपनी टीम को एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक जीत दिलाता है।
दंगल (2016)
आमिर ख़ान की फिल्म ‘दंगल’ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म ने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़े। यह फिल्म महावीर सिंह फोगाट की प्रेरणादायक कहानी है। आमिर ने महावीर का किरदार निभाया है। वह एक पूर्व पहलवान हैं, जो अपने अधूरे सपने को पूरा करने के लिए अपनी बेटियों गीता और बबीता को कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए ट्रेन करते हैं। यह फिल्म समाज के पुराने विचारों और मुश्किलों से लड़कर मिली जीत को दिखाती है। इस कहानी ने हर खिलाड़ी में गर्व, हिम्मत और उम्मीद की भावना जगाई है।
सितारे जमीन पर (2025)
हाल ही में रिलीज हुई आमिर ख़ान की नई स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में वह एक बास्केटबॉल कोच की भूमिका में हैं। जिसे शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह से समाज सेवा करनी पड़ती है। कहानी की शूरूआत में उनके किरदार को दिमागी रूप से कमजोर बच्चों को ट्रेन करना अच्छा नहीं लगता है। लेकिन हर गुजरते वक्त के साथ वह उनमें मौजूद हिम्मत, उम्मीद और इंसानियत को समझ पाता है।इस फिल्म की कहानी दिल को छू लेने वाली और प्रेरणादायक है, जो दर्शकों की सोच पर भी गहरा असर डालती है।
