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रायगढ़ 31 अगस्त । अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 के चौथे दिन शनिवार की देर रात इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति एवं देश की प्रख्यात सितार वादक प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ.शर्मा ने राग सरस्वती की स्वर लहरियों से जब सितार की तारों को छेड़ा, तो समारोह शास्त्रीय संगीत के मधुर वातावरण से गुंजायमान हो उठा। श्रोताओं ने प्रस्तुति का रसपान करते हुए तालियों की गडग़ड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
उल्लेखनीय है कि प्रो.डॉ.लवली शर्मा ने 15 वर्ष की आयु में वीणाचंद्रा से सितार वादन की शिक्षा प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध सितार वादक कल्याण लहरी से उच्च प्रशिक्षण लिया। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से संगीत में स्नातकोत्तर उपाधि गोल्ड मेडल के साथ हासिल की, वहीं बड़ौदा विश्वविद्यालय से 1986 में पीएचडी प्राप्त की। सितार वादन में अद्वितीय निपुणता के कारण डॉ.शर्मा ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर शास्त्रीय प्रस्तुतियां दी हैं। उन्हें कला भूषण सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
