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रायपुर, 22 अगस्त । केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अब सुदूर वनांचल, दुर्गम, पहाड़ी क्षेत्रों और समाज के अंतिम पंक्ति में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुुल्य बसाहटों तक पहुँच रही हैं। जिसकी बानगी छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला के वनांचल ग्राम कोयलारी, ग्राम पंचायत चेन्द्रादादर के निवासी सुध्धू बैगा में देखने को मिलती है, जो विशेष पिछड़ी जनजाति ’बैगा’ समुदाय से आते हैं। सुध्धू बैगा अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में निवास करते थे। सुध्धू बैगा मजदूरी कर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते है, उनके लिए अपना घर बनाना किसी सपने के कम न था। प्रधानमंत्री आवास योजना सुध्धू बैगा के परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई।
हितग्राही सुध्धू बैगा ने बताया कि पहले टूटा-फूटा झोपड़ी-नुमा कच्चा घर था, जो बरसात में चारो तरफ से पानी टपकते रहने के साथ सीलन के साथ में हम रहने को मजबूर थे। रात के अंधेरे में जंगली जानवर के खतरे के अलावा बरसात के दिनों में सांप-बिच्छु का डर बना रहता था। किसी अनहोनी के खतरे में मेरा परिवार जीवन जीने को विवश था। परन्तु प्रधानमंत्री जनमन योजना में आवास की पात्रता सूची में नाम आने से मेरा परिवार खुशी से झूम उठा। ग्राम सभा द्वारा वर्ष 2023-24 में आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के साथ ही पहले किश्त की राशि 40 हजार बैंक खातें में ऑनलाईन डीबीटी के माध्यम से आ गया। जैसे ही आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ बैंक खाते में प्रगति के आधार पर द्वितीय किश्त की राशि 60 हजार,तृतीय किश्त की राशि 80 हजार एवं आवास पूर्ण होने के उपरांत अंतिम किश्त की राशि 20 हजार रुपये खातें में आ गया, इस तरह देखते ही देखते पक्का घर बनकर तैयार हो गया।
सुध्धू बैगा के परिवार को अन्य शासकीय योजनाओं से मिल रहे हैं लाभ पर एक नजर
सुध्धू बैगा अपने पुराने दिनों को याद कर बताते हैं कि झोपडी में रहने के दौरान चिंता, तनाव और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आज मैं अपने परिवार के साथ पक्के मकान में बहुत खुशहाली से जीवन यापन कर रहा हूं। मुझे आवास के साथ-साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत 95 मानव दिवस का रोजगार अपना आवास बनाने में मिल गया जिसका मजदूरी भुगतान प्रति दिवस 243 रुपये के दर से कुल 23085 रूपये बैंक में प्राप्त हुआ। पीने का शुद्ध पानी नल-जल योजना से मिलने की व्यवस्था हो गई है। किसान सम्मान निधि से न्यूनतम आय के रूप में सहायता राशि, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय व ईलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिल रही है। आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, श्रमकार्ड, जनधन खाता, खाद्यान योजना से राशन सामाग्री का लाभ भी परिवार को मिल रहा है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना से मेरी पत्नी सतली बाई बैगा को प्रतिमाह 1000 रूपये के मान से 16 हजार रूपये अब तक मिल चुका है। इस राशि का उपयोग घर और दैनिक उपयोग की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर रहे है। अब परिवार का जीवन पहले से सरल और सहज हो गया है। मै अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहा हूं, सुध्धू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
