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ग्रुप कैप्टन की प्रेरणादायक उपलब्धि भारत के युवाओं को अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए प्रेरित करेगी
नई दिल्ली, 21 अगस्त। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से गुरुवार को मुलाकात की और इसे भारत की मानव अंतरिक्ष यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी प्रेरणादायक उपलब्धि भारत के युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए प्रेरित करेगी, क्योंकि राष्ट्र गगनयान और अपने स्वयं के अंतरिक्ष स्टेशन की ओर अग्रसर है।
राजनाथ सिंह ने मुलाक़ात के बाद कहा कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। हमने उनकी प्रेरणादायक अंतरिक्ष यात्रा, कक्षा में उनके किए गए महत्वपूर्ण प्रयोगों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति और भारत के अग्रणी ‘गगनयान मिशन’ के भविष्य पर चर्चा की। उनकी यात्रा भारत के युवा मन को प्रेरित करेगी। राष्ट्र को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण और मिशन सहायता में भारतीय वायु सेना और इसरो के तालमेल की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी प्रेरणादायक उपलब्धि भारत के युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए प्रेरित करेगी, क्योंकि राष्ट्र गगनयान और अपने स्वयं के अंतरिक्ष स्टेशन की ओर अग्रसर है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीन दिन पहले लोकसभा में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा पर चर्चा के दौरान विपक्ष के आचरण की आलोचना करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक बताया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष जैसे विषयों को दलीय राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए और विपक्ष इस चर्चा में भाग लेकर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए रचनात्मक सुझाव दे सकता था। उन्होंने कहा कि यह चर्चा भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम और विकसित भारत 2047 में इसकी भूमिका पर थी, जो राष्ट्रीय उपलब्धि, देश के गौरव, स्वाभिमान और भविष्य में वैज्ञानिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की संभावनाओं से जुड़ी है।
