राज्यपाल रमेन डेका से राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की सौजन्य भेंट
Spread the loveरायपुर–छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से...
Spread the loveरायपुर–छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से...
Spread the loveमुख्यमंत्री ने कहा- समृद्ध अनुभव और...
Spread the love00 समस्याओं का भौतिक सत्यापन कर...
-सिर पर संविधान रखकर नाचने वालों ने संविधान को कुचला
नई दिल्ली, (माधव एक्सप्रेस)। पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि सिर पर संविधान रखकर नाचने वालों ने संविधान को कुचला था। उन्होंने खुलासा किया कि पहले दिल्ली में एक ऐसा कानून लागू था, जो बिना सूचना के काम पर न आने वाले सफाईकर्मियों को जेल भेजने की अनुमति देता था। दिल्ली के रोहिणी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग सिर पर संविधान रखकर नाचते हैं, वह संविधान को कैसे कुचलते थे, वह बाबासाहेब की भावनाओं को कैसे दगा देते थे। पीएम मोदी ने कहा कि सफाईकर्मी भाई-बहनों के लिए दिल्ली में पहले खतरनाक कानून था। दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट में एक बात लिखी थी, यदि कोई सफाई मित्र बिना बताए काम पर नहीं आता तो उसे एक महीने के लिए जेल में डाला जा सकता था। सोचिए, सफाई कर्मियों को ये लोग क्या समझते थे। एक छोटी सी गलती के कारण क्या आप उन्हें जेल में डाल देंगे? पीएम मोदी ने कहा कि आज जो सामाजिक न्याय की बातें करते हैं, उन्होंने ऐसे कई कानून देश में बनाए रखे थे। यह मोदी है, जो इस तरह के गलत कानूनों को खोज-खोजकर खत्म कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ऐसे सैकड़ों कानूनों को खत्म किया है और यह अभियान लगातार जारी है। पीएम मोदी ने शासन सुधारों पर बल देते हुए कहा कि हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब सुशासन का विस्तार है। इसलिए हम रिफॉर्म पर बल दे रहे हैं। आने वाले समय में हम बड़े-बड़े रिफॉर्म करने वाले हैं, ताकि जीवन और बिजनेस सब कुछ आसान हो। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अगला बड़ा कदम जीएसटी सुधार का है। पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म होने जा रहा है। इस दिवाली डबल बोनस देशवासियों को मिलने वाला है। हमने इसका प्रारूप राज्यों को भेज दिया है। उम्मीद करता हूं कि सभी राज्य इसमें सहयोग करेंगे और जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे, ताकि दिवाली और शानदार मने। उन्होंने साफ किया कि सरकार का प्रयास जीएसटी को आसान बनाना और टैक्स दरों को रिवाइज करना है।
