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रायपुर, 16 अगस्त । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्यस्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। साय ने कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।
उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने “हर भारतीय का बैंकर” होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम श्री राकेश सिन्हा, एजीएम श्री दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
