सुकमा, 16 अगस्त । जिले के नक्सली कमांड़र हिड़मा एवं देवा के पूवर्ती गांव में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नक्सलगढ़ में भी आजादी का जश्न मनाया गया । कभी नक्सलवाद की काली छाया में घिरे पूवर्ती गांव में उत्सव सा माहौल दिखा। आज वहां तिरंगे को सलाम किया गया, वहीं देश भक्ति के नारों और गाने गूंजते रहे। जिस पूवर्ती गांव के चौक पर कभी नक्सलियाें की खुलेआम सभाएं हुआ करती थीं, वहां आज सुरक्षाबलों और ग्रामीणों ने मिलकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
मिली जानकारी के अनुसार 15 अगस्त के मौके पर सुबह से ही गांवों में उत्साह सा माहौल था, महिलाएं ताजा फूलों की मालाएं बना रही थीं, बच्चे हाथों में तिरंगे लेकर दौड़ते-खेलते नजर आ रहे थे। बुजुर्ग भी तैयारियों का जायजा ले रहे थे। जैसे ही आसमान में तिरंगा लहराया, पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। यह वही पूवर्ती गांव हैं, जहां की फिजाओं में कभी सन्नाटा और खौफ पसरा रहता था, बंदूक और बारुद के शोर से बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक डरे सहमे रहते थे। लेकिन समय बदल चुका है, केंद्र सरकार ने पूरे भारत को नक्सलमुक्त बनाने का अभियान छेड़ा है, तब से नक्सलगढ़ के गांवों में विकास की बयार बही है। बंदूक और बारुद की जगह आजादी और तरक्की ने ले ली है। सुरक्षाबलों के प्रयास से जहां कैंप खुले है, वहां आजादी के मायने विकास में बदल दिए गए । सड़कें बन रही हैं, नेटवर्क स्थापित हो रहा है, बिजली की रोशनी से ग्रामीणों की उम्मीदें चमक रही है।
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि पूवर्ती जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में खोले गए कैंप निर्माण के बाद इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क बिजली स्वास्थ्य सुविधा ओर अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाया जा रहा है। इसके कारण आज स्वतंत्रता दिवस के दिन भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह दर्शाता है कि ग्रामीण के बीच विश्वास और भरोसा कायम करने में सुरक्षाबल कामयाब हो रही है।
