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नई दिल्ली। (माधव एक्सप्रेस) केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तमिलनाडु वन विभाग के साथ मिलकर मंगलवार (12 अगस्त) को कोयंबटूर में विश्व हाथी दिवस समारोह का आयोजन करेगा। यह वार्षिक आयोजन, हाथियों के संरक्षण और उनके दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने के उपायों को मज़बूत करने की वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में बताया कि कोयंबटूर में होने वाले इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, नीति निर्माताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और वन्यजीव विशेषज्ञ भाग लेंगे जो विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीतिवर्धन सिंह और तमिलनाडु सरकार के वन एवं खादी मंत्री आरएस राजाकन्नप्पन भी उपस्थित रहेंगे। विश्व हाथी दिवस समारोह के अंतर्गत कोयंबटूर में मानव-हाथी संघर्ष पर एक केंद्रित कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला का उद्देश्य हाथी-क्षेत्र वाले राज्यों को मानव-हाथी सह-अस्तित्व से संबंधित अपनी चुनौतियों को साझा करने और अपने-अपने क्षेत्रों में लागू किए जा रहे संघर्ष के समाधान उपायों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह पहल प्रोजेक्ट एलीफेंट के तहत चल रहे प्रयासों के अनुरूप है, जो मानव और हाथियों के बीच संघर्ष को दूर करने के लिए सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर बल देता है। इस अवसर पर एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा जिसमें लगभग 5,000 स्कूलों के करीब 12 लाख स्कूली बच्चों को शामिल किया जाएगा। यह पहल, हाथियों के संरक्षण के प्रति व्यापक सार्वजनिक पहुंच और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में दुनिया के लगभग 60 प्रतिशत जंगली हाथियों की आबादी रहती है। देश में 33 हाथी अभयारण्य और 150 चिह्नित हाथी गलियारे हैं।
