इंदौर, 29 जुलाई 2025 – पुरुष स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति के तहत, विजय नगर स्थित अपोलो हॉस्पिटल्स ने आज BPH (बढ़े हुए प्रोस्टेट) के उपचार हेतु Rezūm वॉटर वेपर थेरेपी की शुरुआत की। यह उन्नत और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक पारंपरिक सर्जरी का एक सुरक्षित, प्रभावशाली और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करती है, जिससे मरीजों को तेज़ और टिकाऊ राहत मिलती है।
आज आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आधुनिक तकनीक का औपचारिक अनावरण किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सौरभ चिपड़े, सीनियर कंसल्टेंट एवं प्रमुख, यूरोलॉजी विभाग, अपोलो हॉस्पिटल्स , इंदौर ने कहा: “यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि हमारा संस्थान मध्य भारत का पहला केंद्र बन गया है, जहां वॉटर वेपर थेरेपी की शुरुआत हुई है। वर्षों से प्रोस्टेट के मरीजों के पास केवल सीमित विकल्प थे — या तो दवाइयाँ जिनके दुष्प्रभाव होते हैं, या फिर बड़ी सर्जरी जिनसे रिकवरी लंबी होती है और यौन स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अब यह अत्याधुनिक तकनीक उस स्थिति को पूरी तरह बदल रही है।”
डॉ. चिपड़े ने आगे बताया: इस थेरेपी में जलवाष्प (वॉटर वेपर) की ऊर्जा का उपयोग कर प्रोस्टेट के अनावश्यक ऊतकों को लक्षित कर उन्हें कम किया जाता है, जिससे पेशाब संबंधी परेशानियों में तुरंत राहत मिलती है। यह प्रक्रिया लोकल एनेस्थीसिया या हल्की बेहोशी में की जाती है और मरीज बहुत जल्द सामान्य जीवनशैली में लौट सकते हैं। हमारे शुरुआती मरीजों में ही उल्लेखनीय सुधार देखा गया है – जैसे पेशाब के प्रवाह में सुधार और जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि।”
वॉटर वेपर थेरेपी का यह शुभारंभ ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में इसे अमेरिका के USFDA से विस्तारित स्वीकृति प्राप्त हुई है। अब यह तकनीक उन मरीजों के लिए भी उपयुक्त है जिनका प्रोस्टेट वॉल्यूम 150 सेमी³ तक है — जबकि पूर्व में यह सीमा केवल 80 सेमी³ थी। यह बड़े आकार वाले प्रोस्टेट के मरीजों के लिए भी एक सुरक्षित विकल्प बन चुकी है।
वॉटर वेपर थेरेपी के प्रमुख लाभ:
• न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया: बिना चीरे, नगण्य रक्तस्राव
• यौन स्वास्थ्य की सुरक्षा: पारंपरिक तरीकों में जहाँ वीर्य स्खलन में 50% तक रुकावट आती है, वहीं इस तकनीक में यौन क्रियाएं सुरक्षित रहती हैं
• तेज़ रिकवरी: अधिकांश मरीज कुछ ही दिनों में सामान्य कार्यों में लौट सकते हैं
• दीर्घकालिक राहत: पेशाब संबंधी लक्षणों से लंबे समय तक छुटकारा
• दवाओं से मुक्ति: आजीवन दवाइयों की आवश्यकता नहीं रहती
• कम जटिलताएं: पारंपरिक TURP की तुलना में पेशाब की नली में रुकावट की संभावना बेहद कम
डॉ. अशोक बाजपेयी, डायरेक्टर एवं सीनियर कंसल्टेंट, अपोलो हॉस्पिटल्स , इंदौर ने कहा: हमारा सदैव प्रयास रहा है कि हम अपने विशेषज्ञों को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करें ताकि मरीजों को सर्वोत्तम परिणाम मिलें। इस नई पहल का नेतृत्व कर रहे डॉ. सौरभ चिपड़े यूरोलॉजी क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों का सर्जिकल अनुभव रखते हैं, और उनकी विशेषज्ञता निश्चित रूप से इस तकनीक को इंदौर के लिए एक वरदान बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वॉटर वेपर थेरेपी न सिर्फ प्रोस्टेट उपचार में बल्कि पुरुष स्वास्थ्य की दिशा में एक गेम चेंजर सिद्ध होगी।”
