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चेन्नई,(माधवएक्सप्रेस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की 27 और 28 तारीख को तमिलनाडु की दो दिवसीय यात्रा पर होंगे। यहां वे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और विकासात्मक आयोजनों में हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री की यात्रा का मुख्य आकर्षण 27 जुलाई को अरियालुर जिले के गंगैकोन्डा चोलपुरम में राजा राजेंद्र चोल प्रथम की ऐतिहासिक गंगा विजय की 1000वीं जयंती समारोह होगा। तमिलनाडु सरकार 23 जुलाई से चोल सम्राट की जन्म जयंती मना रही है, जिसमें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, बृहदीश्वर मंदिर के आसपास उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इस आयोजन के दौरान, प्रधानमंत्री द्वारा राजेंद्र चोल प्रथम की विरासत को सम्मानित करने के लिए एक स्मारक सिक्का भी जारी कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से राजा की प्रसिद्ध गंगा और कदरम अभियानों को प्रदर्शित करने वाली एक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही शैववाद और चोल युग से संबंधित लघु मूर्तियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। ये प्रदर्शनी चोल वंश के ऐतिहासिक और कलात्मक योगदान को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री 28 जुलाई को तूतीकोरिन हवाई अड्डे के उन्नत और आधुनिकीकृत संस्करण का उद्घाटन करेंगे, जो क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास है। मूल रूप से 1992 में निर्मित इस हवाई अड्डे का 381 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार किया गया है। यहां के रनवे को 1,350 मीटर से बढ़ाकर 3,000 मीटर किया गया है। इस उन्नयन से अब हवाई अड्डा एक साथ पांच विमानों के लिए पार्किंग-बे को समायोजित कर सकता है, जिससे कनेक्टिविटी में सुधार होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री का यह दौरा सांस्कृतिक सम्मान और आधुनिक विकास के मिश्रण को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री की भागीदारी भारत की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और इसके बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के महत्व को दर्शाती है।
