4 अक्टूबर का पंचांग: आश्विन कृष्ण नवमी पर बन रहे हैं ये शुभ-अशुभ योग, जानें सूर्य-चंद्रमा की चाल
Spread the loveAaj Ka Panchang: आश्विन माह के...
Spread the loveAaj Ka Panchang: आश्विन माह के...
Spread the loveAaj Ka Rashifal: आज 4 अक्टूबर...
Spread the loveSING फोरम 2026 में सहभागिता के...
काेंड़ागांव, 22 जून। बस्तर संभाग का काेंड़ागांव जिले के केशकाल वन परिक्षेत्र जैव विविधताओं एवं वन्यजीव सम्पदाओं से भरपूर इस घाटी के इलाके में एक दर्जन से भी अधिक हिरण का झुंड़ देखने को मिला। जैसे ही वन विभाग के अधिकारियों की हिरणों के बारे में जानकारी मिल तो काफी उत्साहित हुए।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम 5:30 बजे केशकाल के कुछ युवक घाट के नीचे घूमने गए हुए थे, वापसी के दौरान बंदरो का वे वीडियो बना रहे थे, इसी दाैरान वन विभाग के द्वारा की गई घेराबंदी एवं उसके मुख्य द्वार के अंदर एक दर्जन से अधिक हिरण देखकर रुक गए, लेकिन जैसे ही उनके रुकने का भनक हिरणों को लगी तो तत्काल जंगल की ओर भाग गए, लेकिन इस बीच वे लोग अपने कैमरे में वीडियो बना लिए थे। केशकाल वन परिक्षेत्र में तैनात वनकर्मियों का कहना है कि समय-समय पर अक्सर उस क्षेत्र में हिरणों की हलचल देखी जाती है ।
केशकाल वनमंडलाधिकार दिव्या गौतम ने कहा कि मीडिया के साथियों से यह जानकारी मिली कि, घाटी के नीचे बड़ी संख्या में हिरण विचरण करते नजर आए हैं। केशकाल वनमण्डल अंतर्गत लगातार दुर्लभ वन्यजीवों का नजर आना काफी खुशी की बात है, तथा यह एक आदर्श वन की निशानी भी है। इससे यह साबित होता है कि यह क्षेत्र वन्य सम्पदाओं, वन्यजीवों, एवं वनस्पतियों से भरपूर है, साथ ही वन्यजीवों के लिए उत्तम आवास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमें अधिक से अधिक लोगों को वनों का संरक्षण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण व संवर्धन किया जा सके। इस लिए मैंने तत्काल ही वहां तैनात वनकर्मियों को हिरणों का सरंक्षण करने का निर्देश दिया है।
