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कोलकाता, 7 जून । उत्तर सिक्किम के चटेन क्षेत्र में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के बाद हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में भारतीय सेना ने शनिवार को राहत और बचाव कार्यों के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हवाई मार्ग से आवश्यक सामग्री पहुंचाई और 76 जवानों को सुरक्षित वापस लाया।
गंगटोक से करीब 130 किमी दूर और समुद्र तल से लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित चटेन, पिछले 10 दिनों से देश के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कटा हुआ था। शुक्रवार को सभी फंसे हुए पर्यटकों को वहां से सुरक्षित एयरलिफ्ट किए जाने के बाद शनिवार को राहत सामग्री भेजने और जवानों को वापस लाने की कार्यवाही की गई।
सेवा के प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि पाकयोंग ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरकर चटेन तक जरूरी सामान पहुंचाया। इन हेलीकॉप्टरों ने कुल 1,300 किग्रा राहत सामग्री- जिसमें सेना और नागरिक आपूर्ति दोनों शामिल थीं- चटेन पहुंचाई गई। इस मिशन में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के पांच अधिकारी भी शामिल थे।
वापसी में इन्हीं हेलीकॉप्टरों से सेना के 76 जवानों को पाकयोंग लाया गया। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह चटेन से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अंतिम चरण था। इससे पहले तीन जून से चरणबद्ध तरीके से कुल 126 पर्यटकों को वहां से सुरक्षित निकाला गया था, जिनमें दो अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।
गौरतलब है कि पिछले दिनों भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने इस क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया। एक सैन्य शिविर भी इसकी चपेट में आ गया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और लेफ्टिनेंट कर्नल सहित छह अन्य लापता हैं।
