बलरामपुर, 19 मई । बीते दिनों बलरामपुर जिले के राजपुर नगर पंचायत क्षेत्र में आयोजित समाधान शिविर में पुलिस विभाग की गैरमौजूदगी का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। विधायक द्वारा सार्वजानिक मंच से जताई गई नाराजगी के बाद अब पत्राचार का दौर शुरू हो गया है। पुलिस विभाग का कहना है कि, उन्हें शिविर के संबंध में नगर पंचायत की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई और अब पुलिस विभाग ने इस विषय में एसडीएम को पत्र लिखकर अवगत कराया है।
उल्लेखनीय है कि 15 मई को सुशासन तिहार के तहत राजपुर नगर पंचायत क्षेत्र के सब्जी बाजार के समीप समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में सभी विभाग मौजूद थे लेकिन पुलिस विभाग से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था और ना ही वहां उनका कोई स्टॉल लगाया गया था। यही, वजह है कि कार्यक्रम के दौरान विधायक उद्देश्वरी पैकरा ने सार्वजनिक मंच से नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि, समाधान शिविर में सभी विभागों के अधिकारी यहां स्टॉल लगाकर मौजूद हैं परंतु पुलिस विभाग नदारद है। समाधान शिविर पुलिस थाना के नाक के नीचे हो रहा है ऐसे में पुलिस विभाग का न होना समझ से परे है। मेरे बुलाने के बाद पुलिस विभाग के कर्मचारी यहां नहीं आए यह ठीक नहीं है। विधायक के इस बयान के बाद पुलिस महकमें में हडकंप मच गया है।
अब इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से राजपुर थाना प्रभारी ने आज सोमवार को एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर को पत्र लिखकर इस बड़ी चूक के बारे में अपना पक्ष रखा है। पुलिस विभाग का कहना है कि, उक्त समाधान शिविर 22 मई को होना था लेकिन अचानक ही समय में परिवर्तन कर 15 मई को शिविर लगाया गया। इस दौरान तिथि में परिवर्तन की सूचना उन्हें नगर पंचायत की ओर से नहीं दी गई। पुलिस विभाग ने 15 मई के समाधान शिविर को लेकर जारी किए गए पत्र को साझा करते हुए बताया कि, उक्त शिविर के लिए 12 विभागों को सूचना दी गई लेकिन उसमें पुलिस विभाग का कोई उल्लेख नहीं है। बिना पुलिस को सूचना दिए ही नगर पंचायत में शिविर लगा लिया गया। इधर इस मामले में नगर पंचायत सीएमओ रविन्द लाल का कहना है कि, समाधान शिविर में पुलिस विभाग के साथ ही सभी विभागों को स्टॉल आवंटित किया गया था। अगर पुलिस विभाग को इसकी सूचना नहीं मिल पाई तो इसकी जांच करवाता हूं लेकिन जिस स्थान पर समाधान शिविर लगा उससे कुछ ही दूरी पर थाना था।
अब इस मामले में राजपुर एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर ने बताया कि, नपं उपाध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने समाधान शिविर की तिथि बदलने की मांग की गई थी। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर 22 मई की जगह 15 मई को समाधान शिविर आयोजित की गई। 11 मई को इसकी सूचना मिलने के बाद चार दिवस के भीतर सभी विभागों को अवगत करा दिया गया था। किसी कारण से पुलिस विभाग को सूचना नहीं पहुंच पाई जिसके कारण विभाग की उपस्थिति नहीं रही।
