रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को 12वें राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में मिला सम्मान
Spread the loveरायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को...
Spread the loveरायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को...
Spread the loveकोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद...
Spread the loveडॉ. रमन सिंह – सादगी से...
-पेयजल, प्रधानमंत्री आवास और ग्रामीण रोजगार को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
सूरजपुर / रायपुर, 9 मई । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में गुरुवार की देर शाम काे सूरजपुर जिले के जिला पंचायत सभागार में सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों के अनुसार जिन हैंडपंपों में मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें 10 दिवस के भीतर दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हैंडपंपों में राइजिंग पाइप का विस्तार कर जल्द मरम्मत की व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों राजस्व प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के साथ ही स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा बंटांकन जैसे मामलों का शीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। इसकी प्रगति पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई हितग्राही प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करता है तो उसके द्वारा मकान बनाने के लिए परिवहन की जा रही रेत के वाहन को खनिज विभाग द्वारा नहीं रोका जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी पर संबंधितों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि जो आवास मित्र अपने कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी में प्रधानमंत्री आवासों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है, ऐसे में अधिक से अधिक प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की आवश्यकता होगी। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राजमिस्त्रियों को भवन निर्माण की सेट्रिंग और मेशन का प्रशिक्षण सुनिश्चित दिया जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें और निर्माण कार्य भी तीव्र गति से पूरे होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान हैं, जिनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जिला पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष इंदुमणी पैकरा, विधायक भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., जिले के प्रभारी सचिव भुवनेश यादव, सरगुजा संभाग के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी
उपस्थित थे।
