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बलरामपुर, 28 अप्रैल । छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा को बांटने वाली जीवनदायिनी कन्हर नदी का जलस्तर दिन प्रतिदिन अधिकारियों की लापरवाही से कम होते जा रहा है। जिससे जहर डाल मछली मारने वाले गिरोह अब सक्रिय हो गए है। रविवार शाम को कन्हर एनीकट के गेट के पास बड़ी संख्या में मृत मछलियां पाई गई।
गर्मियों के मौसम में लोग नदी में नहाते है। जहरीला पदार्थ नदी में मिलाए जाने से सुबह शाम नहाने वाले लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे पानी की गुणवता भी प्रभावित हो जाती है। कन्हर नदी के पानी का उपयोग लगभग 26 हजार परिवार करते है। रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र में पानी की आपूर्ति टंकी में जमा होने के बाद नगर में सप्लाई की जाती है, ऐसे में यदि पानी दूषित हो गया तो यह नगरवासियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि मछली मारने के लिए पानी में जहरीला पदार्थ डालने वालों को कई बार चेतावनी दी गई है और पुलिस को भी सूचित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद लोग इस अवैध गतिविधि को बंद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।
समय रहते अगर प्रशासन ने इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला तो यह भविष्य में और भी अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। मछली मारने के लिए लगातार जहरीला पदार्थ डालने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।
