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कोरबा, 09 अप्रैल। केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के कोरबा आ रहे हैं, जहां वे गेवरा का दौरा करेंगे। उनके साथ एसईसीएल के सीएमडी और बोर्ड मेंबर्स भी रहेंगे। वहीं, उनके आगमन पर भू-विस्थापितों ने विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में उन्हें काला झंडा दिखाया जाएगा।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने बुधवार काे बताया कि कुसमुंडा में भू-विस्थापितों का धरना 1255 दिनों से जारी है। उन्होंने कहा कि सीएमडी और डीपी भू-विस्थापितों की समस्याओं पर चर्चा के लिए समय तक नहीं देते।
भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेताओं रेशम यादव, दामोदर श्याम, रघु और सुमेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है। उनका कहना है कि रोजगार दिए बिना कोयला उत्पादन के लक्ष्य को पूरा नहीं होने देंगे। एसईसीएल प्रबंधन को पहले भू-विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करना होगा।
रोजगार से वंचित रखने का आरोप
भू-विस्थापितों का आरोप है कि पिछले चार दशकों से वे रोजगार के लिए एसईसीएल कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन विभिन्न नियमों का हवाला देकर उन्हें रोजगार से वंचित रखा जा रहा है।
भू-विस्थापित केंद्र और सरकार की नीति का विरोध
उनका कहना है कि एसईसीएल ग्रामीणों की बर्बादी और किसानों के नुकसान पर अपना मुनाफा बढ़ा रही है। भू-विस्थापित केंद्र और राज्य सरकार की इस नीति का हर स्तर पर विरोध करने का ऐलान कर चुके हैं।
