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बलरामपुर, 9 अप्रैल । बलरामपुर जिले में पंचायत सचिव संघ शासकीयकरण की मांग को लेकर पिछले 23 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है लेकिन अभी तक इनकी मांगे पूरी नहीं हुई है। जिले के कुसमी विकासखंड में बीते मंगलवार शाम को पंचायत सचिवों ने ढोल-नगाड़े बजाकर सरकार को जगाने की कोशीश की है।
उल्लेखनीय है कि 17 मार्च से प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव संघ शासकीयकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। पंचायत सचिवों के हड़ताल के कारण पंचायतों के सभी कामकाज ठप पड़ गए है। भाजपा के घोषणा पत्र में 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को अति आवश्यक मानते हुये शीघ्र ही शासकीयकरण करने का भरोसा दिया था। जिसके मद्देनजर मुख्यमंत्री के द्वारा मोदी की गारंटी को पुरा करने हेतु तत्काल कमेटी गठन की गई थी। पंचायत सचिवों के शासकीयकरण के लिए कमेटी का गठन कर प्रतिवेदन भी प्रस्तुत कर दी गई है परंतु अभी तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं उठाया गया।
पंचायत सचिवों का कहना है कि इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक हमलोगों की मांगे पूरी नही हो जाती है, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। आज हड़ताली स्थल पर ही उन्होंने ढोल-नगाड़े बजाकर सरकार को जगाने की कोशीश की है। सचिव संघ ने सरकार से अपील की है कि जल्द निर्णय लेकर शासकीयकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। ताकि सचिवों का विश्वास बना रहे और वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर सकें।
