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अब सुकमा से सब इंस्पेक्टर बनना है, बस्तर से बैरिस्टर बनना, कांकेर से कलेक्टर बने, यहीं विकास है।
दंतेवाड़ा, 5 अप्रैल। बस्तर पंडुम महाेत्सप 2025 काे संबाेधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं अभी-अभी बस्तर की अराध्य मां दंतेश्वरी का दर्शन कर माता से आशीर्वाद लेकर आया हूं कि अगले चैत्र नवरात्र तक लाल आतंक खत्म हाे जाये और बस्तर खुशहाल हाे जाये । उन्होंने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद खत्म होने के कगार पर पंहुच गया है। केंद्रीय गृहमंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि आप भी हमारे अपने हैं। किसी को मारकर खुशी नहीं होती। इसीलिए हम कहते हैं कि आत्मसमर्पण करें। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियाें काे संरक्षण देगी। लेकिन अगर आप हथियार लेकर देश के विकास में बाधक बनेंगे तो सुरक्षाबल आपसे निपटेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा “नक्सली हथियार लेकर आदिवासी भाई बहनों का विकास नहीं रोक सकते। इसके लिए पूरे मन से अपील है। विकास के लिए हाथ में बंदूक की जरूरत नहीं है कंप्यूटर चाहिए। आज हम नक्सलवाद के खिलाफ दोनों तरफ से आगे बढ़ रहे हैं। जो समझ गए हैं कि विकास के लिए हाथ में बंदूक की जरूरत नहीं है, कंप्यूटर की जरूरत है। विकास के लिए आईईडी, हथगोला नहीं चाहिए कलम चाहिए, उन्होंने सरेंडर कर दिये हैं। ’’
अमित शाह ने मंच से कहा कि “साल 2025 में अब तक 521 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। साल 2024 में 881 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। जो सरेंडर करेंगे वो मुख्य धारा में आएंगे और जो हथियार लेकर आएंगे उनके साथ सुरक्षा कर्मी निपटेंगें। जो भी होगा मार्च तक पूरे देश को इस लाल आतंक से मुक्त करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार करेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र को विकास की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच वर्ष में बस्तर को वह सब कुछ देना चाहते हैं, जिसने 50 साल से विकास नहीं देखा। लेकिन यह कैसे हो सकता है? यह तभी हो सकता है जब बस्तर में शांति हो, बच्चे स्कूल जाएं, गांवों और तहसीलों में स्वास्थ्य सुविधाएं हों, हर किसी के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य बीमा हो। यह तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि वे अपने घरों और गांवों को नक्सल मुक्त बनाएंगे।’’
उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकाें के ग्रामवासियाें से कहा कि ग्राम स्तर पर ग्रामसभा कर नक्सलियों को आत्मसमर्पण करवाकर गांवों को नक्सल मुक्त बनाइए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें एक करोड़ रुपये (निर्माण कार्यों के लिए) दिए जाएंगे। शाह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर पंडुम का आयोजन होगा। अगले साल बस्तर पंडुम के नाम से देश के हर एक कोने से आदिवासी जनजातीय समुदाय के लोग यहां पहुंचेंगे। उन्हाेने कहा कि बस्तर पंडुम महाेत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी देशों के राजदूतों को बस्तर भ्रमण करवाया जाएगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कहा कि बस्तर के महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव की हत्या कांग्रेस के आकाओं ने करवाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 75 साल तक गरीबी हटाओ का नारा लगाया, लेकिन गरीबी नही हटी। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करोड़ों गरीबों को राशन का वितरण के साथ, गरीब कल्याण की याेजनाओं से कराेड़ाें लाेगाें काे गरीबी रेखा से बाहर निकाला। छत्तीसगढ़ की साय सरकार 5500 रुपए में तेंदूपत्ता खरीदेगी। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त हर गांव में आधार कार्ड , राशन कार्ड बनेगे, ग्राम स्तर पर एक दवाखाना बनेगे। सरकार बस्तरिया उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। उन्हाेने कहा कि बस्तर के तमाम आर्ट्स दिल्ली में भेंट करने के काम आते हैं, यह बस्तर के लिए गर्व की बात है। बस्तर के नायक वीर गुंडाधुर को हमने सम्मान दिलाया है, आदिवासी जननायकों को देश के अंदर सम्मान मिलना चाहिए।
अमित शाह ने आखिर में कहा कि अब सुकमा से सब इंस्पेक्टर बनना है, बस्तर से बैरिस्टर बनना, कांकेर से कलेक्टर बने, यहीं विकास है। किसी से डरने की जरूरत नहीं। पूरी सुरक्षा भाजपा की डबल इंजन की सरकार करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव को नक्सलमुक्त बनाने का अभियान छेड़े।
अमित शाह ने बस्तर पंडुम(उत्सव) के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ की। शाह ने कहा कि इस साल बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ के एक उत्सव के रूप में मनाया गया है। इस बार सात श्रेणी में बस्तर पंडुम मनाया गया, अगली बार 12 श्रेणी में मनाएंगे, जिसमें देश भर के आदिवासी कलाकार आएंगे। बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा ताकि आदिवासी बच्चों की कला को पूरे विश्व में प्रदर्शित किया जा सके। शाह ने कहा कि अगले वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर पंडुम का आयोजन किया जाएगा और वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से अनुरोध करेंगे कि वे इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शामिल हों तथा आदिवासी भाइयों और बहनों को आशीर्वाद दें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
