बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की तत्परता से 16 हजार से अधिक लोगों का बचाव
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बलरामपुर, 23 मार्च । जिले में हुए दो दिन के बारिश से अब फिर मौसम साफ हो गया है और लोगों को प्रचंड गर्मी सताने लगी है। गर्मी के मौसम में एक मात्र जीवनदायिनी कन्हर नदी रामानुजगंज के लोगों की प्यास बुझाती है। इस नदी से लगभग बीस हजार की आबादी निर्भर है। लेकिन जल संसाधन विभाग की लापवाही से अब यह नदी भी सूखने की कगार पर आ गई है। एनीकट के सभी गेट खराब होने के कारण पानी लगातार लीक कर रहा है।
हर वर्ष विभाग गेट की मरम्मत करवाता है कि लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने के कारण फिर से पानी लीक होने लगता है। जिससे मई-जून महीने में नदी बिल्कुल सुख जाती है। नगर की बीस हजार आबादी इससे प्रभावित होती है। सरहदी क्षेत्र में बहने वाली कन्हर नदी दो राज्यों को जोड़ती है। कन्हर के किनारे बसे दोनों राज्यों के लोग इसी नदी से अपनी प्यास बुझते है। अगर लीकेज को जल्द ठीक नहीं करवाया गया तो, एक से दो महीने में नदी पूरी तरह से सुख जाएगी।
इस विषय में आज रविवार को जल संसाधन विभाग के एसडीओ जीडी गैंडरे ने बताया कि कुछ दिन पहले काली मिट्टी डालकर देशी जुगाड़ से मरम्मत करवाया गया था। लीकेज कम हुआ था। कल फिर इसे देखते है।
