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धमतरी, 13 मार्च । रंगों का त्योहार होली 14 मार्च को उत्साह से मनाया जाएगा। पर्व को लेकर गुरूवार को शहर का बाजार गुलजार रहा। होली बाजार नें रौनक के चलते दुकानदारों के चेहरे खिले हुए नजर आए। बाजार में तरह-तरह की रंग-बिरंगी पिचकारी और रंग-गुलाल खरीदते हुए लोग दिखाई दिए। मार्केट में हर्बल ग़ुलाल की मांग ज्यादा रही। शहर-अंचल में शुभ मुहूर्त में होलिका दहन हुआ।
होली पर्व के चलते शहर का मार्केट गुलजार रहा। होली बाजार के विक्रेता जयकुमार देवांगन ने बताया कि ज्यादातर ग्राहक हर्बल ग़ुलाल की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता। हानिकारक केमिकल वाले रंग गुलाल सस्ते भले ही मिलते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्वास्थ्य को देखते हुए अधिकांश ग्राहक हर्बल गुलाल खरीद कर ले जा रहे हैं। मार्केट में यह ग़ुलाल 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक में मिल रहा है। पिछले साल की तुलना में इस बार 15 प्रतिशत तक की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। विप्र विदवत परिषद के सदस्य पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन इस बात का प्रतीक है कि हम अपनी बुराइयों को जलाकर अच्छाइयों का वर्णन करें। यह त्यौहार आदि काल से चला आ रहा है। उल्लेखनीय है कि धमतरी शहर में 120 से भी अधिक स्थानों पर होलिका दहन होता है। होली पर्व का अपना अलग ही मजा है। छोटे-बड़े सब अपने हिसाब से इस पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं। शहर व गांव में होली के एक दिन पूर्व शहर व गांव की सड़कों में छोटे-छोटे बच्चे रस्सी लगाकर लोगों को रोकते नजार आए। रोकने के बाद बच्चों ने गुलाल लगाया और त्योहार की खुशियां मनाने बड़ों से उपहार स्वरूप रुपए प्राप्त किए।
बाजार में तरह-तरह की मिठाइयां: होली पर्व के अवसर पर शहर के होटलों में रंग-बिरंगी स्वादिष्ट मिठाइयां सुबह से लेकर देर रात तक बिकती रही। गुलाब जामुन, बर्फी, पेड़ा, लड्डू, मिल्क केक सहित अन्य मिठाइयों की मांग रही। कुछेक होटलों में खोवा जलेबी बनाई गई थी, जिसे लोगों ने हाथों हाथ खरीदा। होली-दिवाली के खास अवसर पर यह मिठाई बनाई जाती है। इसका क्रेज इतना रहता है कि तैयार होने के कुछ घंटों के भीतर ही यह मिठाई बिक जाती है। सालों से यह विशेष मिठाई बनाई जा रही है।
