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भोपाल, 4 मार्च सोलहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढिया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल आज (मंगलवार को) महत्वपूर्ण बैठकों के लिए भोपाल पहुंच रहा है। यहां आगामी सात मार्च तक आयोग की बैठक होंगी। साथ ही वित्त आयोग इस अवधि में भोपाल के अलावा राज्य के अन्य जगहों पर दौरे करेगा।
जन संपर्क अधिकारी संतोष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त आयोग के दौरे का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण, अनुदान सहायता (ग्रांट्स-इन-ऐड) के निर्धारण और राज्यों के बीच संसाधनों के उचित आवंटन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करना है। वित्त आयोग की अनुशंसा एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पाँच वर्ष के लिए होगी। राज्य में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों, पंचायत एवं नगरीय निकायों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे। बैठकों में बढ़ी हुई कर हस्तांतरण (डेवोल्युशन) की दर के राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव और राज्य के व्यय स्वरूप में हुए परिवर्तन पर चर्चा की जाएगी।
मिश्रा ने बताया कि वित्त आयोग मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा भी करेगा और राज्य में चल रही वित्तीय योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों के प्रभाव का प्रत्यक्ष आंकलन करेगा। इस दौरान आयोग विभागीय अधिकारियों से विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर जानकारी लेगा और उनसे सुझाव भी मांगेगा। आयोग की यह बैठक मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और राज्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करने में सहायक होगी। इसके माध्यम से राज्य को भविष्य में मिलने वाले वित्तीय संसाधनों की रूपरेखा तय की जाएगी, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी। भोपाल में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक से राज्य सरकार को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं और विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अधिक सहयोग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
