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रांची, 21 फरवरी । रांची पीएमएलए की विशेष कोर्ट ने ईडी की ओर से दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ईडी ने कोर्ट से यह आग्रह किया था कि पूजा सिंघल को कोई विभाग ना दिया जाये।
इस आदेश से पूजा सिंघल को बड़ी राहत मिली है। ईडी और पूजा सिंघल की ओर से बहस पूरी करने के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया है।
ईडी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर यह कहा कि अगर पूजा सिंघल को राज्य सरकार किसी विभाग की जिम्मेदारी देती है तो वह अपने पद का दुरुपयोग कर केस को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन कोर्ट ने यह माना है कि पूजा सिंघल को पोस्टिंग देने का अधिकार राज्य सरकार को है और कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।
कोर्ट ने जो शर्तें लगाई थीं, वे पहले ही काफी हैं और कोर्ट को और शर्तें जोड़ने की जरूरत महसूस नहीं होती।
उल्लेखनीय है कि मनरेगा घोटाला की आरोपित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले पांच मई 2022 को ईडी ने पूजा सिंघल के 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ईडी को बेहिसाब पैसे और अन्य जगहों पर इन्वेस्टमेंट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। ईडी की छापेमारी के दौरान पूजा सिंघल के सीए सुमन सिंह के आवास और कार्यालय से 19.31 करोड़ रुपये नकद बरामद हुई थी।
पूजा सिंघल को दिसंबर महीने की 7 तारीख को बीएनएस कानून के तहत जेल से रिहा किया गया है। हालांकि वह अब भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में अभियुक्त हैं, लेकिन कानूनी प्रावधानों के अनुसार, जेल से बाहर रहने के दौरान उनका सस्पेंशन खत्म किया जा चुका है। फिलहाल सरकार ने पूजा सिंघल को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव
बनाया है।
