छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर की नई रेल लाइन की पटरी चोरी, किराए के मकान से 6.5 टन रेलवे ट्रैक बरामद
Spread the loveकटघोरा। छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत...
Spread the loveकटघोरा। छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत...
Spread the loveमुंबई/गोवा।Nana Patekar Passes Away: बॉलीवुड से...
Spread the love – निवेश अवसरों को उद्योगों...
बिलासपुर, 31 जनवरी । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आज शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट को स्वतः संज्ञान लेते हुए हाथियों की मौत के मामले पर लगी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें रायगढ़ में 11 के.वी. तार के ढीले होने से तीन हाथियों की मौत को खबर प्रकाशित हुआ था। रायगढ़ वन प्रभाग के चुहकीमार जंगल में तीन मादा हाथियों, जिनमें एक बछड़ा भी शामिल था, जिसकी मृत्यु तब हुई, जब वे ढीले पड़े 11 के.वी. तार के संपर्क में आ गईं।
इस पूरे मामले में आज शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डिवीजन बैंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने इस मामले में हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने के बाद हाथी की मौत के मामले में एक किसान पर कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। वहीं कोर्ट ने अधिकारियों पर जांच कार्रवाई के बारे में भी पूछा। सुनवाई के दौरान यह तथ्य निकलकर आया कि, एक याचिका में बिजली तारों की ऊंचाई को बढ़ाने का आदेश दिया गया था। इसके बारे में कोर्ट ने कहा कि, 14 से बढ़ाना 20 फीट करना किस विभाग की जिम्मेदारी है..? इसके बाद बैंच ने इस मामले में ऊर्जा सचिव और सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक को नोटिस कर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
