खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
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रायपुर,20 जनवरी । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका में रविवार शाम करीब 5 बजे प्रतिबंधित चायनीज मांझे से 7 साल के बच्चे की मौत हो गई। मासूम बच्चा अपने पिता के साथ माेटरसाइकिल में बैठकर गार्डन घूमने जा रहा था। अचानक एक चाइनीज मांझा उड़कर आया और पीछे बैठे बच्चे के गले में फंस गया, जिससे बच्चे के गले से खून बहने लगा। बच्चे को अंबेडकर अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के दौरान रात 8 बजे उसकी मौत हो गई।
पिरदा के रहने वाले मृतक बच्चे के पिताधनेश साहू (35वर्ष ) रोते हुए बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा फलेश साहू (12वर्ष ) और छोटा पुष्कर साहू (7वर्ष ) था। छोटा बेटा पुष्कर रविवार शाम गार्डन जाने की जिद की। तब माेटरसाइकिल पर शाम को कटोरा तालाब गार्डन जाने के लिए निकले थे। साथ में पड़ोसी की बच्ची भी थी। संतोषीनगर ब्रिज के नीचे से पचपेड़ीनाका आ रहे थे। ब्रिज के पास एक मांझा उड़कर आया। पुष्कर मोपेड में आगे खड़ा हुआ था। मांझा सीधे उसके गले में फंस गया।जैसे ही मोपेड आगे बढ़ी, मांझा गले में फंस गया। पुष्कर जोर से चीखा, तब मैंने मोपेड रोकी। देखा तो उसके गले से खून बह रहा था। कपड़ा खून से रंग गया। मैंने हड़बड़ा कर माेटरसाइकिल खड़ी की, मैं रोने लगा,आसपास वाले दौड़कर आए। पुष्कर को उठाकर ऑटो में बिठाया और नजदीक के अस्पताल ले गए। वहां इलाज करने से मनाकर दिए।तब उसे बैरनबाजार के बच्चों के बड़े अस्पताल ले गए। वहां इलाज के लिए जरूरी संसाधन नहीं होने की बात कही गई। तब मैं पुष्कर को उठाकर अंबेडकर अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। लेकिन रात करीब 8 बजे उसकी मौत हो गई। उसका गला मांझे से बुरी तरह से कट गया था।
