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गिरिडीह, 17 जनवरी । जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको के प्रवासी मजदूर हीरामन महतो की सऊदी अरब में बीते 40 दिन पूर्व मौत हो गयी ।लेकिन अभी तक प्रवासी मजदूर का न तो शव पहुंचा और न ही परिजनों को कंपनी की ओर से मिलने वाली राशि का भुगतान का रास्ता साफ हो पाया हैं।इस कारण परिजनों की चिंता बढ़ने लगी है। मृतक के परिजन अपने घर के सदस्य का अंतिम दर्शन के लिए हर दिन राह देख रहे हैं।उल्लेखनीय है कि खेतको निवासी सुखदेव महतो के हीरामन महतो की मौत विगत आठ दिसंबर 2024 को हो गई थी। मृतक अपने पीछे पत्नी सोमरी देवी, पुत्री सुनीता कुमारी,सरिता कुमारी और पुत्र रामेश्वर कुमार, विजय कुमार समेत भरा पूरा परिवार को छोड़ गया थे। प्रवासी श्रमिकों के हितों को लेकर काम करने वाले सिकन्दर अली लगातार संपर्क कर मामले का हल करने में जुटे हैं। उन्होंने कंपनी के अधिकारी से उचित मुआवजा के साथ शव को जल्द भारत भेजने की मांग की है ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। उन्होंने कहा कि गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिले की बड़ी आबादी देश- विदेश में काम कर रही है। ऐसे में मजदूर के साथ घटना होने के बाद मुआवजा एक बड़ी समस्या होती है।परिजन भी मुआवजा नहीं मिलने तक परेशान होते हैं। ऐसे में महीनों तक मजदूरों का शव विदेश में पड़ा रहता है।मजदूरों के घरों में शव नहीं आने से उनके घर के चूल्हे शांत पड़े रहते हैं।परिजन हर दिन शव के इंतजार में रहते हैं और परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत हैं।
