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रायपुर, 6 जनवरी ।भारत सरकार आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में 29 अक्टूबर 2024 को नवम् राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “देश का प्रकृति परीक्षण” अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत राज्य में 25 दिसंबर 2024 तक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से जुड़े कुल 3,551 महाविद्यालयीन शिक्षकों, चिकित्सकों, छात्रों, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों तथा निजी चिकित्सकों द्वारा बतौर स्वयंसेवक (वालेंटियर) कुल 4,45,897 नागरिकों का ऑनलाईन प्रकृति परीक्षण किया गया। छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन बिहार, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, उत्तराखण्ड जैसे अनेक राज्यों की तुलना में बेहतर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभियान के प्रथम चरण का समापन 25 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में जशपुर जिले के कुनकुरी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रकृति परीक्षण कार्ड भेंट किया गया। मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमुदाय से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अपनाने तथा प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है।
“देश का प्रकृति परीक्षण” अभियान का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के द्वारा जनसामान्य को मोबाईल एप्लीकेशन पर उनके प्रकृति के अनुरूप विभिन्न ऋतुओं में स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक आहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, परहेज एवं स्वास्थ्य से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण परामर्श उपलब्ध कराना है। अभियान के अंतर्गत जिन नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया है उन्हें “डिजिटल प्रकृति परीक्षण कार्ड” भी उपलब्ध हुआ है जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी आयुर्वेद उपचार के लिए पृथक से प्रकृति परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। प्रकृति परीक्षण के द्वारा भविष्य में होने वाले अनेक जीवनशैली रोग जैसे मधुमेह, उच्चरक्तचाप, हृदयरोग तथा कैंसर से बचाव व नियंत्रण भी संभव होगा।
