ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश …
Spread the loveबिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और...
Spread the loveबिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक फेरबदल...
Spread the loveरायपुर। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत छत्तीसगढ़...
रायगढ़, 20 दिसंबर । आसन्न नगर निगम चुनाव हेतु रायगढ़ में गुरुवार को वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। कुल 48 वार्डों में 8 वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग , 5 वार्ड अनुसूचित जनजाति वर्ग और 11 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षित किये गये। इस आरक्षण के बाद निगम की राजनीति में सक्रिय कई नामचीन नेताओं के लिये जहाँ मुश्किलें खड़ी हो गयी हैं तो कई नेताओं के लिये अवसर खुल गये हैं।
वहीं पूर्व सभापति और भाजपा नेता सुभाष पांडेय की चुनावी संभावनाओं पर सर्वाधिक विपरीत असर पड़ा है। वर्तमान में वे वार्ड नं.16 से पार्षद हैं लेकिन इस बार यह वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षित हो गया है। उनके लिये जो दूसरा संभावित विकल्प वार्ड नं. 14 था लेकिन वह भी इस बार पिछड़ावर्ग महिला के लिये आरक्षित हो गया है। इसी तरह पार्षद प्रभाती महापात्रे, अशोक यादव, संजय देवांगन, शैल कौशलेष मिश्रा, राजेन्द्र ठाकुर, चंद्रमणि बरेठ, सीनू राव, श्यामलाल साहू, रूपचंद पटेल, संजय चौहान और पदुमलाल प्रजापति भी आरक्षण की चपेट में आ गये हैं। इधर लखेश्वर मिरी, दिवेश सोलंकी, अनूप रतेरिया, बबुआ, रंजू संजय, मुरारी भट्ट जैसे पुराने दिग्गजों के लिये दरवाजे खुल गये हैं। मौजूदा पार्षदों में कई लोग खुशकिस्मत भी हैं जो कि इस फेरबदल से अप्रभावित हैं। इनमें से कुछ पार्षदों के वार्ड का आरक्षण तो बदला है लेकिन इससे उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। इनमें प्रमुख रूप से आरिफ हुसैन, रुक्मणी साहू(ननकी नोनी), नब्बू खान, जयंत ठेठवार, लक्ष्मी साहू, विकास ठेठवार, सलीम नियारिया, अनुपमा शाखा यादव, पूनम सोलंकी, महेश कंकरवाल, प्रभात साहू, पंकज कंकरवाल, डॉ प्रतीक विश्वाल, सपना सिदार, पिंकी यादव, राकेश तालुकदार, रत्थु जायसवाल, नवधा मिरी और नारायण प्रसाद पटेल का नाम उल्लेखनीय है।
आरक्षण के साथ ही चुनाव का बिगुल बज चुका और लोगों को महापौर पद के आरक्षण का इंतजार है। यह तो लगभग तय है कि महापौर पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिये ही आरक्षित रहेगा लेकिन वह महिला या स्वतंत्र होगा, यह उत्सुकता बनी हुई है। बहरहाल आज नगरनिगम चुनाव हेतु उठापटक चालू हो गयी है और संभावित उम्मीदवार अपनी गोटियां बिठाने में सक्रिय हो गये हैं।
