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बिलासपुर, 16 दिसंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शराब फैक्ट्री के वेस्ट मटेरियल को शिवनाथ नदी में छोड़ने और जल प्रदूषण के मामले में लगातार सुनवाई चल रही है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद की बेंच में हुई सुनवाई में कोर्ट के सामने पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा प्रदूषण कम हुआ है। जिसपर कोर्ट ने टीम बनाकर निगरानी करने निर्देशित किया है। वहीं अगली सुनवाई 3 फरवरी 2025 को निर्धारित की है।
मामला मुंगेली जिले धूमा स्थित भाटिया वाइन फैक्ट्री का है। जहां नियमों को ताक में रखकर फैक्ट्री के वेस्ट मटेरियल और दूषित पानी को शिवनाथ नदी में छोड़ा जा रहा था। प्रदूषित और जहरीले पानी से लाखों मछलियां मर गई। इस पर आई मीडिया रिपोर्ट को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की। जो लगातार चल रही है। इस मामले में 23 सितंबर 2024 को उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि दूषित जल का स्रोत निर्धारित किया गया है या नहीं..? शराब फैक्ट्री के दूषित जल के कारण नदी में पाए गए प्रदूषण को देखते हुए, इस मुद्दे को तार्किक निष्कर्ष पर लाया जाना चाहिए, ताकि दूषित जल का स्रोत पता लगाया जा सके..? इस मामले में नया हलफनामा दायर करने कहा था।
वहीं 23 अक्टूबर 2024 को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश बिभु दत्ता गुरु की बैंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि इस मामले के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि संबंधित फैक्ट्री से दूषित पानी कहां से बह रहा है, इसका पता नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन सुधारात्मक उपाय किए जाने और फैक्ट्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पानी की गुणवत्ता में सुधार किया गया है। इसे देखते हुए 16 दिसंबर, 2024 को आगे की निगरानी के लिए फिर से सूचीबद्ध किया गया था। जिसमें पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से शासकीय अधिवक्ता ने कहा कोर्ट के आदेश का परिपालन करते हुए 21 नवंबर 2024 और 4 दिसंबर 2024 को जांच कर रिपोर्ट पेश की गई है। जिसमें पानी का स्तर ठीक पाया गया। वहीं कोर्ट ने पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड को रिपोर्ट पेश करने निर्देश दिया है। वहीं अगली सुनवाई निर्धारित की है।
