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बीजापुर, 7 दिसंबर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र अंर्तगत तिम्मापुर गांव में सीआरपीएफ कैम्प से महज एक किलोमीटर दूरी पर नक्सलियाें ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी पद्दम उम्र 45 वर्ष की हत्या कर दी। नक्सलियाें ने गुरुवार की रात करीब 8:30 बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी काे घर से बाहर निकाला और उसके पुत्र के सामने बेरहमी से हत्या कर दी। बीच-बचाव कर रहे लक्ष्मी के पुत्र से भी नक्सलियों ने हाथापाई की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी पद्दम के पति की मृत्यु हाे चुकी है। महिला के शव के पास नक्सलियाें के मद्देड़ एरिया कमेटी के पर्चे भी मिले हैं। बासागुड़ा थाना प्रभारी मनोज कौशिक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि महिला की हत्या की सूचना पर बासागुड़ा पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सलियाें ने महिला लक्ष्मी पद्दम को पहले घर से बाहर निकालकर उसके पुत्र के सामने बेरहमी से हत्या कर उसके शव को घर के आंगन में ही छाेड़ दिया गया। शव के पास नक्सलियाें के मद्देड़ एरिया कमेटी का पर्चा भी मिला है, जिसमें मृत महिला पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या करने की बात लिखी गई है। फिलहाल बासागुड़ा पुलिस शव काे अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है। बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी को दो बार नक्सलियों से धमकी मिल चुकी थी। दरअसल नक्सलियों के पैठ वाले इलाके में सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, मुठभेड़ में नक्सली मारे जा रहे हैं, ऐसे में बौखलाए नक्सली, ग्रामीणों की ही हत्या कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को बीजापुर के भैरमगढ़ और नैमेड़ में दो पूर्व सरपंचाें की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी। नक्सलियों ने पहले दोनों सरपंच का अपहरण किया और फिर हत्या कर शव गांव के पास फेंक दिया। शव के पास नक्सलियों ने पर्चे भी फेंके थे, जिसमें नक्सलियों ने दाेनाे पूर्व सरपंचाें काे भाजपा से जुड़े होने के कारण हत्या करने की बात लिखी। यह भी विदित हाे कि बीजापुर जिले का नक्सल प्रभावित इलाका जहां नक्सलियाें द्वारा आम नागरिकाें की सबसे अधिक हत्या करने का रिकार्ड पहले ही दर्ज है, वर्तमान में एक बार फिर से स्थानीय आम नागरिकाें की हत्या का सिलसिला शुरू हाे गया है।
