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नारायणपुर, 5 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच बुधवार काे हुई मुठभेड़ में एक डीआरजी का जवान प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी बलिदान हो गया है। वहीं कुछ जवानों के घायल होने की भी खबर है। शहीद जवान के शव को लेकर पुलिस की एक टीम नारायणपुर पहुंच गई है, दूसरी टीम अभी जंगल में ही है। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने इसकी पुष्टि की है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने आज गुरुवार काे बताया कि ओसोनपुर और कोहकामेटा बॉर्डर के पास जंगल में बीएसएफ और डीआरजी का संयुक्त बल नक्सलियों के एंबुश में फंस गया था। बुधवार दोपहर एक बजे से दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हुई। मुठभेड़ के दौरान नारायणपुर में प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी (36वर्ष) को गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही बलिदान हो गई। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विस्तृत जानकारी अभियान पूरा होने के बाद पृथक से जारी की जावेगी।उल्लेखनीय है कि अबूझमाड़ में नक्सली पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की वर्षगांठ मना रहे थे, इनके बड़े कैडर्स के नक्सली भी वहां मौजूद थे। इसी सूचना के आधार पर जवानों को अभियान पर रवाना किया गया था। बीरेंद्र कुमार सोरी 2010 में नारायणपुर जिला बल में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। 2018 में नक्सल ऑपरेशन में वीरतापूर्ण कार्य के लिए उन्हें प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया था, वे कांकेर के नरहरपुर के रहने वाले थे।
