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धमतरी, 24 अक्टूबर । इन दिनों धमतरी शहर में वनांचल से सीताफल की खूब आवक हो रही है। बाजार में पहुंच रहा सीताफल हाथों-हाथ बिक रहा है। बाजार में सीताफल प्रति नग 10 रुपये की कीमत से बिक रहा है। नवरात्र पर्व शुरू होने के बाद से इस फल की आवक बनी हुई है।
आवक कम होने से दाम बढ़ा हुए हैं। इस साल वनांचल में सीताफल की खेती कमजोर है इसलिए कम आवक रहेगीै।
जिला मुख्यालय धमतरी से लगे ग्राम बरारी, गंगरेल, मरादेव, तुमराबहार, डांगीमांचा, खिड़कीटोला, विश्रामपुरी, सोरम, कसावाही, शकरवारा, मथुराडीह समेत वनांचल के कई गांवों के बाड़ियों और जंगलों में तैयार सीताफल शहर पहुंच रहा है। कुछ ग्रामीणों के पेड़ पर लगे फल बड़ा होने से बाजार में समय से पहले ही बिक्री के लिए पहुंच रहा था। कलेक्ट्रेट रोड किनारे इन दिनों सीताफल क बिक्री हुई है। सीताफल बेंच रही महिलाएं सीताफल को प्रति नग 10 रुपये के अनुसार से बेच रही हैं। बताया कि नवरात्र पर्व यानि अक्टूबर माह शुरू होने के बाद बाजार में इसकी आवक बनी हुई है। फिलहाल सीताफल की आवक कम है इसलिए दाम अधिक है।
उल्लेखनीय है कि वनांचल क्षेत्र की महिलाएं अलसुबह पांच बजे से ही गंगरेल मार्ग होकर बड़ी संख्या में सीताफल बेचने पहुंचती है। टोकरी में भरकर सड़क किनारे बेचती है। शहर के लक्ष्मी निवास और सदर मार्ग में पहुंचती है। इन महिलाओं के सीताफल लेकर आने का सभी को बेसब्री से इंतजार है। ग्राम तुमराबहार निवासी बोधनराम नेताम, भुनेश्वर राम आदि ने बताया कि इस साल सीताफल की खेती प्रभावित है। पेड़ों पर पर्याप्त फल नहीं है। वहीं जो फल लगा हुआ है, वह काला पड़कर सड़ गया। तुमराबहार, खिड़कीटोला और विश्रामपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा सीताफल की खेती होती है। सीताफल की खेती प्रभावित होने से उन्हें पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पाएगा। बाड़ियों में सीताफल की खेती अच्छा होने से डेढ़ से दो माह तक उन्हें रोजगार मिलता है। इस साल खेती कमजोर होने से उत्पादक चिंतिंत है। इसी तरह से कांकेर चारामा से भी सीताफल की आवक शहर में बनी हुई है।
