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रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने तथा नई उपलब्धियां हासिल करने पर बनी सहमति
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अपने समकक्ष सिंगापुर के रक्षा मंत्री डॉ. एनजी इंग हेन के साथ नई दिल्ली में 6वीं भारत-सिंगापुर रक्षा मंत्रियों की वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने विशिष्ट क्षेत्रों में उद्योग सहयोग सहित रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए साझा दृष्टिकोण के आधार पर दीर्घकालिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को स्वीकार किया।
दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। हाल के वर्षों में दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच नियमित रूप से संपर्क रहा है। यह बैठक भारत द्वारा अपनी एक्ट ईस्ट नीति के एक दशक पूरे होने की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है, जिसमें सिंगापुर ने आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र के देशों के साथ रणनीतिक संपर्क विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों मंत्रियों ने रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने तथा नई उपलब्धियां हासिल करने पर सहमति जताई। उन्होंने अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण सेना पर द्विपक्षीय समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
दोनों पक्षों ने यह स्वीकार करते हुए कि दोनों देश रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन शुरू करने के लिए स्वाभाविक साझेदार हैं, उद्योग सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों मंत्रियों ने साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का भी निर्णय लिया। राजनाथ सिंह ने 2021 से 2024 तक आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस में भारत के लिए देश समन्वयक के रूप में सिंगापुर के समर्थन के लिए डॉ. एनजी इंग हेन को धन्यवाद दिया। सिंगापुर के रक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत एशिया की शांति और स्थिरता के लिए एक रणनीतिक आवाज है।
