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नई दिल्ली, 11 सितंबर । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज विश्व विख्यात भूदान आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। भाजपा और बिरला ने एक्स हैंडल पर उन्हें नमन करते हुए विचार साझा किए हैं।
भाजपा ने लिखा है, ”भूदान आंदोलन के प्रणेता, महान विचारक एवं स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर शत्-शत् नमन।” उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर, 1895 को महाराष्ट्र में जन्मे आचार्य विनोबा का असल नाम विनायक नरहरि भावे था। विनोबा भावे वर्ष 1958 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय और भारतीय व्यक्ति हैं। उन्हें 1983 में मरणोपरांत भारत रत्न से अलंकृत किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लिखा है,” भूदान आंदोलन के माध्यम से आचार्य विनोबा भावे ने देश के वंचित-भूमिहीन वर्ग को उनके अधिकार दिलाए। समानता की ऐसी संकल्पना रची जिसमें भूमिपतियों ने निर्धन जन की चिंता की, तथा उनके हित में अपनी भूमि का दान किया।”
उन्होंने लिखा, ”अपने संकल्प के लिए वे हजारों मील पैदल चले, जाड़े में, गर्मियों में, वर्षा में, धूप में। सेवा के बल पर उन्होंने करोड़ों लोगों के हृदय में अपना स्थान बनाया। उनकी प्रेरणा से लाखों एकड़ भूमि भूमिहीनों को दान की गई। एक दिन उम्मीद से ज्यादा भूमि दान हुई। हिसाब लगाते-लगाते उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। वे बोले, “आज इतनी जमीन हाथ में आई है, लेकिन देखो, कहीं हाथ में मिट्टी चिपकी तो नहीं!” जिनके आह्वान पर लाखों एकड़ भूमि दान हुई हो, लेकिन उनकी चिंता थी कि स्वयं के हाथ में मिट्टी का एक कण भी चिपका न रहे। जनसेवा में समर्पण का ऐसा निःस्वार्थ भाव अतुलनीय है। महान स्वाधीनता सेनानी, समाज सुधारक और भूदान आंदोलन के प्रणेता भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे जी की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं।”
