ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी
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नई दिल्ली, 06 सितंबर । गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में आज ‘जल संचय जनभागीदारी’ पहल का शुभारंभ होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। वो इस समारोह को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे। भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने समारोह की पूर्व संध्या पर विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी साझा की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी आज सुबह एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम को साझा किया है।
पीआईबी की विज्ञप्ति के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है। इसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी और स्वामित्व पर जोर देते हुए जल संरक्षण करना है। यह पूरे समाज और पूरी सरकार के दृष्टिकोण से संचालित है। गुजरात सरकार के प्रयासों की सफलता के मद्देनजर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय गुजरात में जल संचय जनभागीदारी पहल शुरू कर रहा है। गुजरात सरकार ने जल सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों, स्थानीय निकायों, उद्योगों और अन्य हितधारकों को संगठित करने का प्रयास किया है।
सामुदायिक भागीदारी से समूचे गुजरात में लगभग 24,800 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। ये पुनर्भरण संरचनाएं वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायक होंगी।
