एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल, इंदौर, ने डॉ. नितिन तोमर को हेड एंड नेक ऑन्कोसाइंसेज विभाग का प्रमुख नियुक्त किया।
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ढाका। बांग्लादेश में करीब एक माह बाद विश्वविद्यालयों, माध्यमिक स्कूलों और कॉलेजों समेत अन्य सभी शिक्षण संस्थानों को रविवार के दिन खोल दिया गया। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और सरकार के तख्ता पलट के कारण इन शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया था। एक माह से ज्यादा समय से बंद शिक्षण संस्थानों के खुलने से विद्यार्थी एक बार फिर इस तरफ रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि छात्रों के विरोध प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के चलते प्रधानमंत्री शेख हसीना को न सिर्फ अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था बल्कि जान बचाकर पड़ोसी देश भारत में शरण भी लेना पड़ी। यह छात्र आंदोलन नौकरियों में आरक्षण से संबंधित प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर किया गया था। आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने पर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश में 17 जुलाई को शिक्षण संस्थान अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी गई थी। अब हालात सामान्य होते देख दोबारा शिक्षण संस्थान खोले गए हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को अपने अधीनस्थ सभी सभी संस्थानों को खोलने के निर्देश जारी किए थे। इस आदेश के साथ ही रविवार को सभी शिक्षण संस्थानों को खोलने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई। मीडिया के जरिये बताया गया कि उप सचिव मोसम्मात रहीमा अख्तर ने 15 अगस्त को अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के निर्देशों के उपरांत 18 अगस्त से सभी शैक्षिक संस्थानों में शिक्षण गतिविधियों को पुन: प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। इसके बाद रविवार को स्कूली बच्चे अपनी यूनिफार्म में स्कूलों की ओर जाते देखे गए और अभिभावकों ने उनका स्कूल जाने में साथ दिया।
शैक्षिक संस्थानों के खुल जाने से ढाका शहर की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी देखी गई है। यहां बताते चलें कि बांग्लादेश में साप्ताहिक कार्यावधि रविवार से बृहस्पतिवार तक की होती है।
