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नई दिल्ली। भाई बहन के प्यार का सबसे बड़ा त्यौहार रक्षा बंधन आने वाला है। यह पर्व श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन का त्यौहार 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। बदले में भाई अपनी बहन को आजीवन रक्षा का वचन देता है। भाई को राखी बांधने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। हालांकि इस बार रक्षाबंधन के त्यौहार पर भद्रा का साया लगने वाला है। कहते हैं कि भद्राकाल में भाई को राखी नहीं बांधनी चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शूर्पणखा ने रावण को भद्रा काल में ही राखी बांधी थी और रावण का पूरा साम्राज्य खत्म हो गया था। ज्योतिषाचार्य पंडित वेदप्रकाश मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व इस बार 19 अगस्त के दिन पड़ रहा है। लेकिन श्रावण शुक्ल चतुर्दशी 18 अगस्त 2024 को रात 2 बजकर 21 मिनट से ही भद्रा शुरू हो जाएगी। इसका समापन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा सोमवार, 19 अगस्त 2024 को दोपहर में 1 बजकर 24 मिनट पर होगा। इसके बाद ही रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त शुरू होगा। बहनें भद्रा के बाद ही भाई की कलाई पर राखी बांधें। वहीं, काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहेगा। भद्रा काल समाप्त होने के बाद ही भाई की कलाई पर राखी बांधें। जबकि आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर कई शुभ संयोग बनने वाले हैं। इस बार रक्षाबंधन पर सौभाग्य योग, रवि योग, शोभन योग के संगम के साथ ही सिद्धि योग भी निर्मित हो रहा है। सोमवार का दिन होने की वजह से यह संयोग अत्यंत शुभ है। रक्षाबंधन में भद्राकाल की बाधा 19 अगस्त को दोपहर 01:24 तक रहेगी।इसके बाद आप शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
